अमित शाह के लिए भी एक साथ नहीं आए भाजपा पार्षद

भारतीय जनता पार्टी के बीकानेर निगम पार्षदों ने गुटबाजी की सभी हदें पार कर दी है। यह बात अलग है कि इसके बाद भी पार्टी इनके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं कर पा रही है। ताजा मामला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की जयपुर में स्थानीय निकाय सदस्यों के साथ बैठक का है।
अनुराग हर्ष
बीकानेर। भारतीय जनता पार्टी के बीकानेर निगम पार्षदों ने गुटबाजी की सभी हदें पार कर दी है। यह बात अलग है कि इसके बाद भी पार्टी इनके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं कर पा रही है। ताजा मामला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की जयपुर में स्थानीय निकाय सदस्यों के साथ बैठक का है।
दरअसल, इस बैठक में बीकानेर के सभी भाजपा पार्षदों को एक साथ ले जाने के लिए बस की व्यवस्था की गई थी। यह निर्देश थे कि सभी पार्षद एक साथ वहां पहुंचे। इसके विपरीत बीकानेर के पार्षद अलग-अलग पहुंचे। महापौर नारायण चौपड़ा ने जिस बस की व्यवस्था की थी, उसमें १३ पार्षद ही पहुंचे थे। इसमें ओम राजपुरोहित, मालचंद, राजा सेवग, राजेंद्र पंवार, विनोद धवल, सुरेश बारिया, रामचंद्र सोनी, सोहनलाल प्रजापत, भवानी पारीक, नरेश जोशी, कृष्णा कंवर, लक्ष्मण व्यास और स्वयं नारायण चौपड़ा थे। वहीं २१ पार्षद इस बैठक से अनुपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार सरला पडि़हार, गिरिराज जोशी, जामनलाल गजरा, मंजू गोयल, प्रेमसा जोशी, श्रवण गोदारा, भरत कंवर, खुर्शिदा बानो, सम्राट रंगा, दाऊलाल सेवग, अजय सिंह, किसना देवी सियाग, हेमाराम, पूजा भटनागर, ताहिर, लक्ष्मीकंवर हाडला, भंवर उपाध्याय, शिवचंद पडि़हार, उम्मेद सिंह राजपुरोहित, भवानीशंकर आचार्य उपस्थित ही नहीं हुए।
वहीं १५ पार्षद अपने साधनों से जयपुर पहुंचे। जिनमें भगवती प्रसाद गौड़, उप महापौर अशोक आचार्य,  जगदीश प्रसाद मोदी, श्याम सुंदर चांडक, तेजाराम राव, शंभू गहलोत, नीलम जांगीड़, भावना गहलोत, राजेंद्र शर्मा, रमेश भाटी, मनोज पारख, अखिलेश प्रताप सिंह, शिव कुमार रंगा और दुलीचंद सेवग शामिल है।
महापौर और उप महापौर के बीच चल रही आपसी खींचतान के कारण ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं। पार्टी दोनों तरफ से हो रही अनुशासनहीनता पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है।