दस साल में बीस साल पीछे गया शहर

  1. बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र कभी बीकानेर शहर के नाम से सीट होती थी। परिसीमन के बाद यह सीट बीकानेर पश्चिम हो गई। इसका कुछ हिस्सा बीकानेर पूर्व में शामिल हो गया, जबकि श्रीकोलायत का शहरी इलाके का कुछ हिस्सा इसमें शामिल हो गया। परिसीमन से पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ थी,
अनुराग हर्ष
बीकानेर। बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र कभी बीकानेर शहर के नाम से सीट होती थी। परिसीमन के बाद यह सीट बीकानेर पश्चिम हो गई। इसका कुछ हिस्सा बीकानेर पूर्व में शामिल हो गया, जबकि श्रीकोलायत का शहरी इलाके का कुछ हिस्सा इसमें शामिल हो गया। परिसीमन से पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ थी, लेकिन परिसीमन के बाद यहां दोनों बार भाजपा ही जीती।
हालांकि पिछली बार मोदी लहर के बावजूद जीत का अंतर काफी कम रहा। एक बार फिर यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होने वाला है। विधानसभा चुनाव कई बड़े मुद्दों को लेकर लड़ा जाएगा। यहां एलिवेटेड रोड अब भाजपा के गले की फांस बन रही है तो दस साल में कोई ठोस काम नहीं होना भी मतदाताओं को उद्वेलित कर रहा है। इस सीट पर बीकानेर के परकोटे के भीतर के लोगों का प्रभाव सर्वाधिक रहा है, लेकिन पिछले दो चुनावों में श्रीगंगाशहर और भीनासर के मतदाताओं ने भी खासा प्रभाव डाला है।
अब तक श्रीगंगाशहर और भीनासर श्रीकोलायत क्षेत्र में आता था। तब यहां विकास के नाम पर स्थिति शून्य थी। उम्मीद थी कि शहरी क्षेत्र का हिस्सा बनने के बाद यहां कुछ काम होगा। दुखद स्थिति है कि हालात इसके बाद भी नहीं बदले। गंगाशहर में सेटेलाइट अस्पताल की अर्से पुरानी मांग तो पूरी हो गई लेकिन चिकित्सकों का अभाव यहां आज भी जस का तस है। सड़कों, नाली, निकासी सब वैसे के वैसे हैं। वैसे मुरलीधर व्यास नगर, करमीसर, वैद्य मघाराम कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी सहित अनेक इलाकें है, जहां की दयनीय स्थिति की तरफ विधायक ने कभी घूमकर भी नहीं देखा।
इन नेताओं को याद करता है शहर
बीकानेर के लोग आज भी मुरलीधर व्यास जैसे नेता को याद करता है। अपने शहर के लिए लडऩे वाले गोकुलप्रसाद पुरोहित और नन्दलाल व्यास ‘नन्दू महाराज’ आज भी लोगों की जुबां पर है।
बड़े काम जो हुए
पिछले पांच वर्ष में कोई बड़ा काम हुआ तो वो तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना है। हालांकि कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को संघटक महाविद्यालय बनाकर नया विवाद खड़ा कर दिया। सीवर लाइन का कुछ हिस्सा बना और कुछ अभी भी शेष है। आवासन मंडल की कॉलोनियों को नगर निगम में शामिल करने का काम अभी चल रहा है। हालांकि हालात इससे भी बदलने वाले प्रतीत नहीं होते।
काम जो नहीं हो सके
बीकानेर एलिवेटेड रोड बनाने का सपना मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिखाया था लेकिन खुद सरकार ने इस मामले को इतना उलझाया कि कुछ भी नहीं हो पाया। आधा शहर सीवर लाइन बिछने के बाद भी इसका उपयोग नहीं कर पाया है। सड़कों की स्थिति यह है कि हर कहीं खड्डे नजर आते हैं। आवारा पशुओं की समस्या का निदान मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी नहीं हो पाया।
राजनीतिक समीकरण
कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। कांग्रेस सीट पर डॉ. बुलाकीदास कल्ला एक बार फिर मजबूत दावेदार के रूप में सामने हैं, हालांकि टिकट की मांग अन्य कांग्रेस नेता भी कर रहे हैं। जिसमें राजकुमार किराडू, आनन्द जोशी, संजय आचार्य आदि शामिल है। भाजपा से टिकट दावेदार वर्तमान विधायक के साथ उनके पुत्र और पोत्र भी है। इसके अलावा विजय आचार्य, अविनाश जोशी, सत्यप्रकाश आचार्य, जेठानन्द व्यास, सेवानिवृत आईएएस ओ.पी. हर्ष मजबूत दावेदार है। वहीं पुष्करणा बहुल्य इस क्षेत्र को ‘पुष्करणा वर्सेज ऑल’ करने के लिए महावीर रांका को भी दावेदार बनाया जा सकता है।