मोदी के इन चार सालों से सहम गया अमेरिका?

अमेरिका के प्रसिद्ध संपादक-लेखक जोसेफ हॉप का न्यूयॉर्क टाइम्स में हाल ही प्रकाशित आलेख का हिंदी अनुवाद


“मोदी के 2002 के गोधरा दंगों के बाद इस व्यक्ति की आश्चर्यजनक जीत जैसे मुर्दा से वोट पाने की कला। इस व्यक्ति से अमेरिका को कई खतरे हैं जो खतरे अमेरिका को हिटलर से थे। पर अमेरिका जानता था कि हिटलर उसका दुश्मन है, लेकिन मोदी अमेरिका की आँख में धूल झोंकने में सफल हुए हैं।

मोदी तो सभी महाशक्तियों जैसे रूस, फ्रांस और ब्रिटेन की आँखो में धूल झोंकने में सफल रहा है।

इस व्यक्ति का उदय दुनिया के लिए खतरा है, क्योंकि उसने न केवल भारत के फायदे के लिए एक देश को दूसरे देश का दुश्मन बनाया बल्कि इसका इस्तेमाल भी किया है। यह केवल भारत के हित को देखता है ,भारत को सर्वोच्च बनाने का एकमात्र लक्ष्य यह व्यक्ति देखता है ।यदि इस व्यक्ति को रोका नहीं गया, तो भविष्य ऐसा होगा कि पूरे विश्व को भारत आंखें दिखाएगा।

लेकिन मैंने आज अमेरिकियों से कहा है कि यदि हम इसे पहचान नहीं सकते हैं तो एक महान मूल्य का भुगतान करने के लिए तैयार रहें। और वह एक आदमी नहीं है, उसके पुरुष हैं, और भारत के रॉयल्टी संगठन के लोग भारत के हित के लिए सभी देशों में लॉबिंग करते हैं।

मोदी एक निश्चित रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और उसकी रणनीति किसी को भी समझ में नहीं आती कि वह क्या करना चाहता है। उनके हंसने वाले चेहरे के पीछे एक खतरनाक राष्ट्रवादी छिपा हुआ है। यह भारत के लाभ के लिए सभी विश्व के देशों का उपयोग कर रहा है

अमेरिका ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ संबंधो को नष्ट करके और वियतनाम जैसे दुश्मनों के साथ दोस्ती करके एशिया में चीन के प्रभुत्व को कमजोर कर दिया है, अब मोदी चीन के खिलाफ वियतनाम और अफगानिस्तान का उपयोग करता है।

मोदी ने दक्षिण चीन सागर में वियतनाम में तेल का उत्पादन शुरू किया, जहां से सभी तेल भारत को दिया जाता है, और भारतीय कम्पनी रिलायंस को काम पर लगा दिया है , यहाँ भी अमेरिका का प्रभुत्व न के बराबर करवा दिया है।

फिलहाल, संयुक्त राज्य अमेरिका चीन में वियतनाम को नियंत्रित करता है, जो भारत को सभी लाभ दिलाता है।

मोदी ने चीन अमेरिका को खिलाफ करके दोनों देशों से 1.2 लाख करोड़ रुपए का निवेश हासिल किया है, जिसे आठ वर्षों में हासिल नहीं किया जा सकता था।

आज पाकिस्तान के पुराने मित्र देशों के इस्तेमाल से ही इस व्यक्ति के द्वारा तबाही, जैसे अफगानिस्तान की सीमा पर एक बंदरगाह और भारतीय सेना का स्टेशन स्थापित किया जाता है, और ईरान को व्यापार की रिश्वत देते हुए ईरान को पाकिस्तान के खिलाफ खड़ा कर दिया है।

मोदी पाकिस्तान और तालिबान की तबाही के लिए रॉ के एक दल को बलूचिस्थान में लॉबिंग करने के लिए लगा रखा है। यह अमेरिकी का अनुमान नहीं है, अमेरिकी ख़ुफ़िया तंत्र की रिपोर्ट है, लेकिन उस व्यक्ति ने अमेरिका के हाथों को बांधा है, और यह उसकी रणनीतियों में से एक है जिसको हम समझने में विफल रहे हैं।

मोदी ने पाकिस्तान के पारंपरिक मित्र सऊदी अरब को पाकिस्तान से अलग करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मोदी ने श्रीलंका में रॉ लॉबिंग समूह की अगुआई में भारत विरोधी सत्तारूढ़ दल के 20 साल के शासन का तख्ता बदला। अब श्रीलंका का प्रधान मंत्री का 3 दिवस का भारत दौरा होता है जो बहुत संकेत देता है

मोदी ने एशिया महादेश पर चीन और अमेरिका के प्रभुत्व को बहुत ही कमजोर कर दिया है और यह सार्क सम्मेलन रद्द करवा कर अपनी ताकत दिखा भी चुका है।

एशिया के ऊपर भारत का प्रभुत्व एशिया की दो महान शक्तियों, रूस और जापान को एक विश्वसनीय मित्र के रूप में बनाकर हासिल किया है।

मोदी ने अमेरिकी सरकार में लाॅबिंग कर के MTCR ग्रूप में जगह हासिल की, और कुछ समय में ही NSG में भी स्थान ले सकता है जो आगे जा कर अमेरिका के लिए हानिकारक होगा। इसके अलावा, इस व्यक्ति ने भारतीय राजनीति को एक अलग स्तर पर पहुंचता दिया है।
दुनिया को यह सोचना चाहिए कि सभी देशों के कई दुश्मन देश हैं, लेकिन चीन और पाकिस्तान के अलावा भारत का कोई भी दुश्मन नहीं है, और इन दोनों दुश्मन देशों की समस्या का समाधान भी भारत के पास मौजूद है। यह आदमी पाकिस्तान को वास्तविक युद्ध की तुलना में काफी अधिक नुकसान पहुंचा रहा है।
ईस्लामिक देशों को पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल करके मोदी ने यह साबित कर दिया है कि आज वह दुनिया का एक महान नेता है।

इन सभी षड्यंत्रों में इसी व्यक्ति की रीढ़ है और अन्य देशों के लिए भारत की ये प्रगति उचित नहीं है।

इसलिए, मैं दुनिया के सभी बुद्धिजीवियों से चर्चा करने और सोचने तथा भारत के विपक्ष को भड़काने और अगर संभव हो तो भारत जैसे पिछड़े देश को दुनिया का महाशक्ति बनने से रोकने का अनुरोध करता हूं ।

– जोसेफ हाॅप