सीएम राजे का सामंती ‘लोकतंत्र’ -भाजपा के वरिष्ठ और बुर्जुग नेता तक सीएम के पांव छूते नजर आए

देश भले ही 1947 में आजाद हो गया हो, लेकिन राजस्थान में भाजपा नेताओं में आज भी सामंतशाही हावी है। इसका उदाहरण सोमवार को जोधपुर जिले के रतकुड़िया गांव में देखने को मिला जब लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जब वहां पहुंची तो बच्चे तो बच्चे बुर्जुग नेता भी उनके पांव छूते नजर आए।
जोधपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री अपने सामंतवादी रवैये को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहती आई है। कभी केन्द्र से मतभेद के चलते धौलपुर जाकर ‘कोप भवन’ में बैठ जाने तो कभी मंत्रिमंडल के साथियों को राजशाही के अंदाज में फटकारने को लेकर। लेकिन सोमवार को यह नजारा ठेठ ग्रामीण इलाके भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री राजे सोमवार को जोधपुर जिले के रतकुड़िया गांव पहुंची जहां राज्यसभा सांसद रामनारायण डूडी के भाई पूनाराम डूडी के देहांत हो जाने पर उनके परिवार को उनको सांत्वना देने हैलीकॉप्टर से पहुंची। इस दौरान हैलीकॉप्टर से उतरने के साथ ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बडेÞ ठसक से कार की तरफ बढ़ने लगी। इस दौरान मुख्यमंत्री को ‘पांवा धोक’ (पैर छूने) देने की होड़ सी लग गई।
सीएम के पांवों में नतमस्तक होने वाले अधिकांश नेता वो थे जो पिछले दिनों भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए राज्य से लेकर केन्द्र तक मचे घमासान में महत्ती भूमिका अदा कर रहे थे। उन्होंने पार्टी की मैडम के आगे न केवल हाथ जोड़े बल्कि उनके पांव छूकर एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि वे उनकी ही शरण में राजनीति करेंगे। राजे भी बड़ी खुशी से इन नेताओं से मिली और जोधपुर की सियासत पर मात्र दो-तीन मिनट ही चर्चा की। हालांकि सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान के जो भाजपा नेता केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष बनाने का विरोध कर रहे थे, उन्होंने भी पिछले दिनों पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से इस बात को लेकर भी सुह कर ली है।
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पद नहीं,ठसक वही

अशोक परनामी के नाम के आगे से भले ही भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष का तमगा लग गया हो, लेकिन परनामी की रूतबा और ठसक अभी भी बरकरार है। इसका उदाहरण भी मुख्यमंत्री के रतकुड़िया दौरे में सामने आया। सीएम राजे परनामी को साथ लेकर रतकुड़िया गांव पहुंची थी। परनामी भी इस दौरान भाजपा के स्थानीय नेताओं से उसी अंदाज में मिलते नजर आए जैसे वे प्रदेशाध्यक्ष होने के दौरान मिला करते थे। साथ ही जोधपुर शहर जिलाध्यक्ष देवेंद्र जोशी समेत उनकी कार्यकारिणी ने भी परनामी का स्वागत भी प्रदेशाध्यक्ष की तर ही किया। यहां तक की जोशी तो हैलिपेड पर परनामी के पांव छूकर उनसे आशीर्वाद तक लिया। जोशी को ऐसा करते देख अन्य नेता और कार्यकर्ता भी परनामी का आशीर्वाद लेने के लिए उतावले दिखाई दिए।

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