दलित नेता उदाराम मेघवाल पर भड़के बाड़मेर विधायक जैन, बोले- जिसे प्रधान बनाया उसने ही की खिलाफ़त शुरू

विधायक बोले- दलित सहित आमजन को कोई नाराज़गी हो तो मुझे आके बताएं मैं बाड़मेर विधानसभा छोड़ दूंगा

बाड़मेर- गत दिनों पूर्व शिव प्रधान उदाराम मेघवाल का बड़ा बयान सामने आया था। जिसमे उन्होंने कहा था कि बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन बाड़मेर विधानसभा की टिकट उनके लिए छोड़ दे और बाड़मेर विधायक पर दलित नेता को काबिज़ करने के लिए समर्थन दें। जिसके बाद बाड़मेर की राजनीति में भूचाल सा मच गया था।

आज रविवार बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने अपने कार्यालय में दलितों की बैठक बुलाई और पूर्व प्रधान उदाराम मेघवाल के बयान पर कट्टाक्ष करते हुए कहा कि ये लोग मेरे बारे में गलत भ्रांतियां फैलाकर दलितों को दो भागों में बांटना चाहते है। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे जिले में सिर्फ मुझे ही टारगेट किया जा रहा है। बाड़मेर विधानसभा में 7 सीटें है। इन 7 7 सीटों में उन्हें बाड़मेर की टिकट ही क्यों रास आई, आखिर इसका क्या कारण है। विधायक जैन ने कहा कि यदि में सक्षम नहीं हूं और दलित व बाड़मेर की जनता मुझसे नाराज है तो वो आकर मुझसे बात करे और कहें कि हम आपसे संतुष्ट नहीं है तो, मैं अपने असली बाप का हूं तो इलेक्शन नहीं लड़ूंगा…छोड़ दूंगा।

अमीन खान से पूछो या फिर किसी से, शिव से प्रधान बनाया मैंने- विधायक मेवाराम जैन

विधायक जैन को उदाराम मेघवाल की खिलाफत रास नहीं आई और उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए जैन ने कहा कि पूर्व प्रधान उदाराम मेघवाल के पक्ष में कोई नहीं था। अमीन खान से पूछो या फिर किसी और से। अगर, उदाराम को प्रधान बनाया तो मैंने बनाया। इसमें तो मैंने कोई गलती नहीं की। उन्होंने उदाराम मेघवाल की ओर इशारा करते हुए सभा से कहा कि आप मेरे बारे में गलत भ्रांतियां फैलाकर ऐसा वातावरण क्यों बना रहे हो??

दलितों की पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ी

विधायक जैन ने कहा कि बीते 2 अप्रैल को बाड़मेर में जो कुछ हुआ, वह ठीक नहीं हुआ। मैं उस दिन जयपुर गया हुआ था और 4 अप्रैल को लौटा। जिसके बाद से मैंने कलक्टर- एसपी से मिलकर दलितों के लिए पैरवी की और बेगुनाहों को बचाने के भासक प्रयास किए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन- धरने लगातार होते आ रहे है। 2 अप्रैल जैसा पहले कभी नहीं हुआ। मुझसे अगर पता होता तो मैं जयपुर भी नहीं जाता।

कार्यक्रम को सोनाराम टाक ने कहा कि पूर्व प्रधान उदाराम मेघवाल यह तो बताये की आप पिछले चुनाव में कहाँ थे।एक जगह कांग्रेस का सपोर्ट तो दूसरी जगह बीजेपी का सपोर्ट करते है।ऐसे लोग न तो समाज हितेषी और न ही पार्टी के होते है।ऐसे लोगो से अब दलित समाज सावधान हो चुका है ऐसे लोगो को हर जगह बेनकाब किया जाएगा।और बाड़मेर विधायक जैन दलित हितेषी है ।हर समय कमजोर वर्ग की पैरवी करते है ऐसे जनप्रतिनिधि के साथ दलित समाज रहेगा। एडवोकेट छगन मंसुरिया ने कहा कि कुछ लोग समाज को बांटकर बीजेपी को फायदा पहुँचा का कुत्सित प्रयास कर रहे है उससे हमे जागरूक रहकर उनको जवाब देना है। उन्होंने कहा कि बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र का विधायक कौन होगा यह बाड़मेर विधानसभा के लोग तय करेंगे बाहर के लोग नही कर सकते है।2 अप्रैल को जो दलित प्रताड़ना हुई उसमे बाड़मेर विधायक ने हर समय समाज के साथ खड़े रहकर पैरवी की आज कुछ लोग आंदोलन की आड़ लेकर समाज को गुमराह करना चाहते है।,जिला परिषद सदस्य किशनलाल भील ने कहा कि पिछले कुछ समय से जिला मुख्यालय पर एससी एसटी के लोगो का कार्य होने लगा ,मजबूत पैरवी हो रही है जिसके कारण कई लोगो को परेशानी हो रही है विधायक जैन हर आम कार्यकर्ता से आत्मीयता से मिलकर उनकी समस्या समाधान का प्रयास करते है।इसलिए समाज की एकता को तोड़ने का प्रयास हो रहा है जो कि गलत है।कार्यक्रम को जोगाराम जसाई,खरथाराम मेघवाल,पार्षद मिश्रीमल स्वांसिया, किशन बडारिया सहित कई कार्यकर्ताओ ने संबोधित करते हुए कहा कि हम सब काँग्रेस पार्टी को जिताएंगे ।

कार्यक्रम में शिवकर सरपंच गोरखाराम, खुडासा सरपंच बाबूलाल, भाडखा सरपंच प्रतिनिधि सुराराम, ढूंढा सरपंच प्रतिनिधि मुलाराम, सरली सरपंच प्रतिनिधि विरधाराम, भादरेश सरपंच खरथाराम भील, पार्षद सूआ देवी भील, सोहन मंसुरिया, उपप्रधान कुटलाराम, पूर्व सरपंच आसुराम मेघवाल, पूर्व सरपंच जेहराम मेघवाल, फताराम दूदाबेरी, मलाराम भील, गुमनाराम भील, जोधाराम बोथिया, भीखाराम कुडला, लिचुराम रावतसर, प्रकाश, ठाकराराम मंसुरिया, चुतराराम, किशनलाल, सोनाराम, गडूकाराम, महेशाराम, मदनलाल नागौरा, प्रकाश खटीक, बलदेव फुलवारिया, भोमाराम, चुतराराम भील, मांगीलाल, शंकरराम भील, रूपाराम, वाल्मिकी समाज से मोहनलाल, ललित परमार, किशनलाल मारुड़ी सहित सेकड़ो लोग उपस्थित थे।