बीजेपी को अपना गढ़ बचाने के लिए अब बूथ पर भरोसा

प्रदेश बीजेपी का चुनावी दांव

जयपुर।
प्रदेश भाजपा अब पूरी तरह से विधान सभा चुनाव की तैयारियों में उतर गई है। तैयारियों के लिहाजा से सबसे ज्यादा भरोसा बूथ पर किया जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी यही संदेश है कि जब तक बूथ मजबूत नहीं होगा तब तक पार्टी विधान सभा चुनाव में पार नहीं पा सकती है। लिहाजा जिन जिन जिलों को प्रदेश में भाजपा का गढ माना जाता रहा है वहां सिर्फ और सिर्फ बूथ को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। जिससे कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर अभी से विधान सभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर सकें।  प्रदेश में 51 हजार बूथ समितियों का सत्यापन चल रहा है वहीं बूथ समितियों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति में जमीनी और अनुभवी कार्यकर्ताओं की सलाह ली जा रही है। जिससे पूरे प्रदेश में बूथ सबसे ज्यादा मजबूत हो।
वहीं जयपुर शहर भाजपा का सबसे मजबूत गढ माना जाता है। यहां भी बूथ को मजबूत करने की कवायद की जा रही है। जयपुर शहर भाजपा के अधीन 1865 बूथ हैं और अभी तक 1100 बूथ समितियों का सत्यापन हो चुकी है। इन बूथों पर सदस्यों के साथ पन्ना प्रमुख भी बनाए गए है। जयपुर शहर भाजपा के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर विधान सभा चुनाव से पहले बूथ पर मेहनत नहीं हुई तो पार्टी प्रत्याशी को चुनाव जीतना मुश्किल होगा।
जहां प्रदेश भर में 25 हजार बूथ समितियों के फर्जी अध्यक्ष होने का मामला सामने आया है वहीं जयपुर शहर भाजपा में बूथ सत्यापन में इस तरह की बात सामने नहीं आई है। एक बूथ का सत्यापन तीन तीन स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से कराया जा रहा है।