अंग्रेजों का राज ही बढ़िया था….100 साल और रहना चाहिए था….रामराज्य में तो अत्याचार होता था- धर्मवीर

धर्मवीर सिंह अशोक यहीं नहीं रुके बल्कि मंच से उनके विवादित बोल जारी रहे. उन्होंने राम राज्य की बात पर भी विवादित बोल बोलते हुए कह दिया कि राम राज में शूद्रों पर अत्याचार होते थे. रामराज में एससी, एसटी ओबीसी के लोगों को पढ़ने का अधिकार नहीं था. साथ ही धर्मवीर सिंह अशोक ने कहा कि कि अंग्रेज मानवतावादी थे. आंबेडकर अंग्रेजों की वजह से पढ़ाई कर सके थे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि जो दूसरों की सोच से काम करता है वो हिन्दू कहलाता है और जो अपनी सोच से काम करता है वो बुद्धिमान कहलाता है.
जाहिर है, जैसे-जैसे जनता के जनादेश देने का समय नजदीक आ रहा है, वैसे- वैसे नेताओं के भाषणों में इस तरह से विवादित बोल बढ़ते जा रहे हैं. समझा जा सकता है कि बीएसपी नेता अशोक सिंह अशोक  ने राजस्थान में एससी और एसटी वोट बैंक को साधने के लिए ही इस तरह का विवादिन भाषण दिया है. लेकिन इस विवादित भाषण के बाद ये सवाल तो उठता ही है कि क्या बसपा को देश की गुलामी पसंद है. साथ ही विवादित बोल बोलने वाले नेताओं की भाषा का स्तर भी दिनों दिन गिरता ही जा रहा है. पहले कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री को चोर कहा गया, फिर बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी को खानदानी चोर बता दिया. अब एक बसपा नेता ने अंग्रेजों के राज को बेहतर बता दिया है.

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