कोलकाता में हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस जिम्मेदार, चुनाव आयोग हस्तक्षेप करे : शाह

नई दिल्ली,  पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को कहा कि भाजपा देश में सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है लेकिन हिंसा कहीं नहीं हुई जबकि बंगाल में चुनाव के हर चरण में हिंसा से स्पष्ट है कि इसके पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ है। शाह ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग भी की।शाह ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि चुनाव के पांचवें और छठे चरण के बाद भाजपा अकेले पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है। सातवें चरण के बाद 300 से ज्यादा सीटें जीतकर हम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फिर से राजग की सरकार बनाने जा रहे हैं।   उन्होंने कहा कि अब तक चुनाव के 6 चरण समाप्त हो चुके हैं और इनमें सिवाय बंगाल के, कहीं भी हिंसा नहीं हुई। मैं ममता जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है। कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई, लेकिन बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई। इसका साफ़ मतलब है कि हिंसा के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ है।   भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना हुआ है जबकि उसे तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।   उन्होंने कहा, मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग वहां चुप बैठा है ? इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।   भाजपा अध्यक्ष ने कहा अब बंगाल की जनता ममता जी को हटाने का मन बना चुकी है और मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि इस बार बंगाल में भाजपा 23 से अधिक सीटें जीतने जा रही है।   तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके रोड शो से पहले ही वहां लगे भाजपा के पोस्टर फाड़ दिए गए। रोड शो शुरू हुआ, जिसमें अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। करीब ढाई घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो चला।   शाह ने कहा कि इसके बाद 3 बार हमले किए गए और तीसरे हमले में तोडफ़ोड़ तथा आगजनी हुई।  उन्होंने दावा किया कि सुबह से पूरे कोलकाता में चर्चा थी कि यूनिवर्सिटी से आकर कुछ लोग दंगा करेंगे। न तो पुलिस ने कोई जांच की और न ही किसी को गिरफ्तार किया गया।   शाह ने कहा जहां समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा रखी है वह जगह कमरों के अंदर है। कॉलेज बंद हो चुका था, ताला लग चुका था, फिर किसने कमरे खोले ? ताला भी नहीं टूटा, तो चाबी किसके पास थी ? कॉलेज में तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है।   भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वोटबैंक की राजनीति के लिए बंगाल पुनर्जागरणकाल की महान हस्ती ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने का मतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की उल्टी गिनती शुरू हो गई। 

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