र्पिकर की पणजी सीट को कब्जाने के लिए भाजपा, कांग्रेस ने बहाया पसीना

पणजी, गोवा में लोकसभा की दो सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस राज्य की पणजी विधानसभा सीट पर जीत हासिल करने के लिए मुकाबले की तैयारी में हैं। इस सीट से प्रदेश के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर र्पिकर विधायक थे।
मार्च में र्पिकर के निधन के बाद यहां उपचुनाव कराना जरूरी था।
दिवंगत मुख्यमंत्री के बेटे उत्पल को टिकट देने से इनकार करने के बाद भाजपा ने इस सीट से पूर्व विधायक सिद्धार्थ कुनकोलिनकर को चुनाव मैदान में उतारा है।


कुनकोलिनकर इस सीट से 2015 और 2017 के विधानसभा चुनाव जीता था जब र्पिकर केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री थे।
कुनकोलिनकर कांग्रेस के एतानासियो मोनसेरेटे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं जो इससे पहले र्पिकर और दिगंबर कामत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
2017 गोवा विधानसभा चुनावों में कुनकोलिनकर ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुना लड़ रहे मोनसेरेटे को हराया था, उन्हें (मोनसेराट को) इस सीट पर कांग्रेस का समर्थन था।
र्पिकर करीब 25 साल से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
र्पिकर जैसे कद्दावर नेता की अनुपस्थिति में भाजपा इस चुनाव को जीतने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत राज्य की राजधानी में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और कई मौकों पर वह सुबह मीरमार बीच पर लोगों के साथ मेल-जोल करते नजर आते हैं।
दोनों को पार्टियों इस सीट पर जीत का भरोसा है।
कांग्रेस को इस सीट से उत्पल को चुनाव मैदान में नहीं उतारने के भाजपा के फैसले से लाभ मिलता दिख रहा है वहीं कुनकोलिनकर को र्पिकर की विरासत और भाजपा सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों पर भरोसा है।
गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने पीटीआई-भाषा को बताया, अगर उत्पल चुनाव मैदान में होते तो हमारे लिए मुश्किल होती। ऐसा नहीं था कि हम चुनाव हार जाते लेकिन कठिनाई का स्तर जरूर बढ़ जाता। अब हमारे लिए इस सीट को जीतना अधिक आसान हो गया है।

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