मारवाड़ के इन दिग्गज नेताओं का कटा टिकट, मानवेंद्र के गढ़ में बीजेपी ने अभी नहीं उतारा प्रत्याशी

इनमें जैतारण विधायक और कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र गोयल, जालोर विधायक अमृता मेघवाल, सोजत विधायक संजना अगारी, आहोर विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित, जोधपुर शहर विधायक कैलाश भंसाली शामिल हैं. जबकि बाड़मेर सांसद कर्नल सोनाराम को बाड़मेर से प्रत्यशी बनाया है.
विरोध और संघ की नाराजगी से टिकट कटे

जैतारण से सुरेंद्र गोयल की जगह संघ पृष्ठभूमि के अविनाश गहलोत को उम्मीदवार बनाया गया है. गोयल का विरोध था. इसके अलावा संघ पृष्ठभूमि के  लोगों का सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगा. जबकि जालौर सीट से अमृता मेघवाल का टिकट काटकर पुराने नेता और पूर्व विधायक जोगेश्वर गर्ग को फिर से मैदान में उतारा गया है. अमृता का स्थानीय संगठन में विरोध के चलते टिकट कटा है. इसी तरह से जालौर जिले के आहोर सीट से मौजूदा विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित का टिकट काट दिया गया. उनकी जगह छगन सिंह राजपुरोहित को प्रत्याशी बनाया गया है. जालौर जिले की ही सांचौर विधानसभा सीट से मोदी लहर में भी चुनाव हारने वाले जीवाराम को इस बार टिकट नहीं दिया है. जीवाराम की जगह नए प्रत्याशी दानाराम को मैदान में उतारा है .

पाली जिले की सोजत सीट से मौजूदा विधायक संजना अगारी का टिकट काट दिया गया है. उनकी जगह प्रधान शोभा चौहान को प्रत्यक्ष बनाया गया है . बाड़मेर जिले में बाड़मेर सीट से गत बार चुनाव हारने वाली प्रियंका चौधरी को टिकट नहीं देकर मौजूदा सांसद कर्नल सोनाराम को प्रत्याशी बनाया गया है. पिछले विधानसभा चुनाव में कर्नल सोनाराम ने कांग्रेस से बायतु सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह चुनाव हार गए थे. जोधपुर शहर सीट से मौजूदा विधायक कैलाश भंसाली की जगह उनके भतीजे अतुल भंसाली को पार्टी ने मौका दिया है.
5 सीटें रोकी
भाजपा ने मारवाड़ में अभी 5 विधानसभा सीटों के नाम रोके रखे हैं. इनमें संसदीय सचिव एवं सुमेरपुर से विधायक मदन राठौड़, चौहटन विधायक तरुण राय कागा, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह और पोकरण विधायक शैतान सिंह के नामों की घोषणा नहीं की. इसी तरह से बाड़मेर जिले में मानवेंद्र सिंह की सीट शिव विधानसभा से घोषणा नहीं की गई है.