शाह की ओर से बहस कौन करेगा?

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह विपक्ष के नेताओं को बहस की चुनौती दे रहे हैं। विपक्षी नेता उनकी चुनौती स्वीकार भी कर रहे हैं पर सवाल है कि यह बहस होगी कैसे और शाह की ओर से कौन बहस करेगा? क्या अमित शाह खुद ही विपक्षी नेताओं से बहस करेंगे? दुनिया के कई देशों में चुनावी बहस होती है। भारत में सिर्फ जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद के दावेदारों के बीच बहस की परंपरा है। ऐसे में जब अमित शाह सभी विपक्षी पार्टियों को विकास के मुद्दे पर बहस की चुनौती दे रहे हैं तो क्यों नहीं चुनाव से पहले इसकी परंपरा शुरू हो?

बहरहाल, शाह ने पिछले दिनों दिल्ली में पूर्वांचल महाकुंभ रैली को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि वे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से विकास के मसले पर बहस के लिए तैयार हैं। इसके तुरंत बाद केजरीवाल ने उनसे कहा कि वे बहस का समय तय करें। पर उस पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जब अमित शाह बहस के लिए तैयार हैं और केजरीवाल भी तैयार हैं तो बहस क्यों नहीं हुई यह समझ से बाहर की बात है।

इसके कुछ ही दिन बाद अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि राहुल उनके साथ विकास के मसले पर बहस करें। कांग्रेस ने भी बहस की चुनौती स्वीकार कर ली है पर बहस नहीं हो रही है। तभी सोशल मीडिया में कई लोग बहस का मॉडल और तरीका सुझा रहे हैं। पार्टियों के नेताओं के बीच बहस होनी चाहिए इससे लोगों की जानकारी बढ़ेगी। सबसे ज्यादा लोगों ने सुझाव दिया है कि भाजपा अध्यक्ष की ओर से संबित पात्रा को बहस में भेजा जाए बाकी विपक्ष की ओर से कोई आए, उससे कोई फर्क नहीं पड़ना है।