गहलोत आ रहे हैं जोधपुर, दावेदारों से मिलेंगे, जिसकी टिकट पक्की उसे इशारा देकर जाएंगे

मंगलवार को एक निजी होटल में गहलोत ने इसके लिए तीन घंटे का समय दिया है. इसके अलावा वे संगठन के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे. इसकी तैयारी को लेकर रविवार को जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सईद अंसारी की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं की बैठक हुई. जिसमें अंसारी ने साफ किया कि जिसे भी गहलोत से मिलना है वह मिल सकेगा. पार्टी सूत्रों की माने तो टिकट के लिए प्रत्याशियों के चयन की कवायद लंबे समय से चल रही है. कई तरह के सर्वे व रायशुमारी हो चुकी है. पैनल भी बन चुके हैं. लेकिन जोधपुर में अंतिम निर्णय गहलोत का ही होता है. ऐसे में वो मंगलवार व बुधवार को जोधपुर में रह कर हवा का रूख देखेंगे. जिन्हें टिकट मिलना है उन्हें इशारा दिया जाएगा और जिनको टिकट नहीं मिलना है उनको भी तसल्ली देकर जाएंगे. गहलोत के जोधपुर दौरे के बाद ही कांग्रेस की पहली सूची सबके सामने आएगी.

प्रयोग भी हो सकते हैं

अशोक गहलोत खुद भले ही लगातार सरदारपुरा से चुनाव जीत रहे हैं, लेकिन जोधपुर शहर की दो सीटें कांग्रेस हार रही है. ऐसे में वे इन दोनों सीटों पर कुछ नया प्रयोग कर सकते हैं, जिसमें जोधपुर शहर से महाजन की जगह ब्राहृमण व सूरसागर से मुस्लिम को प्रत्याशी बना सकते है. इससे दोनों सीटों पर जातिगत मत साधने में आसानी होगी. इसी तरह से लोहावट, लूणी व फलौदी में भी कुछ नया करने की स्थिति बन रही है. अगर जोधपुर शहर में ब्राहृमण उम्मीदवार को टिकट दिया जाता है तो फलोदी से विश्नोई को टिकट मिल सकता है, इसका सीधा फायदा लोहावट, लूणी व शेरगढ में कांग्रेस को मिल सकता है.