गहलोत का गेम शुरू….वहां जा बैठे….जहां सचिन ने सपने में भी नहीं सोचा था…

जयपुर/नई दिल्ली . चुनाव के मैदान में जीत का झंडा लहराने के लिए सधी चाल चल रही कांग्रेस के भीतर अशोक गहलोत का ‘कौन बनेगा करोड़पति’ गेम शुरू हो चुका है. गहलोत के गेम को देखकर पार्टी के भीतर सियासी  भूचाल आ गया है. वहीं, पीसीसी चीफ सचिन पायलट भी गहलोत की चाल को देख हैरान हो गए हैं.
दरअसल, गहलोत वहां जा बैठे हैं जहां के बारे में सचिन सोच भी नहीं सकते. राजस्थान के चुनाव में टिकट बंटवारे के लिए बनाई गई प्रदेश स्क्रीनिंग कमेटी में रातों-रात गहलोत शामिल हो गए. गहलोत के इस कमेटी में शामिल होने के साथ ही पायलट और उनके खेमे में खलबली मच गई है. सूत्रों ने बताया कि खास बात यह है कि इस कमेटी में गहलोत को शामिल करने के लिए पार्टी हाईकमान राहुल गांधी ने देर रात निर्देश जारी कर दिए. राहुल के निर्देश पर कमेटी में पहुंचे गहलोत के बारे में सूचना मिलते ही पायलट खेमे के सारे समीकरण बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं.  हालांकि, गहलोत के इस कमेटी में शामिल होने की बात सियासी गलियारों तक सीमित है. इसकी पार्टी की तरफ से अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. आपको बता दें कि किसी राज्य में चुनाव के लिए बनने वाली कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी में उस राज्य के नेताओं को शामिल नहीं किया जाता है. ऐसा करने के पीछे पार्टी की रणनीति साफ है कि राज्य का कोई भी नेता उसमें शामिल नहीं होगा तो कमेटी निष्पक्ष और स्वतंत्र होकर अपने काम को अंजाम दे सकेगी.
राजस्थान के चुनाव के लिए पार्टी ने तीन सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है. इस कमेटी में अध्यक्ष कुमारी शैलजा हैं. जबकि, सदस्य के तौर पर ललितेश त्रिपाठी और साकिर सनादी शामिल हैं. यही कमेटी राजस्थान के चुनाव को लेकर प्रत्याशियों का चयन उनका अंतिम पैनल बनाने का काम  कर रही है. स्क्रीनिंग कमेटी से फाइनल किए जाने वाले नामों के पैनल को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में रखा जाता है. इसके बाद केंद्रीय कमेटी की मुहर के बाद सूची जारी होती है. सूत्रों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण स्क्रीनिंग कमेटी में गहलोत के पहुंचने के चलते पार्टी के भीतर सियासी उबाल आ गया है. सूत्रों का कहना है कि गहलोत के इस कमेटी में शामिल होने के बाद अब माना जा रहा है कि वे आसानी से अपने चहेतों को टिकट दिलवाकर सीएम की राह आसान बना पाएंगे.  ऐसे में सीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए पायलट खेमे से बुनी जा रही रणनीति को भी झटका लगता नजर आ रहा है.
आपको बता दें कि पायलट और गहलोत के बीच राजस्थान की कुर्सी को लेकर सियासी खेल चुनाव की आहट होने से पहले से जारी है. चुनावी मौसम में दोनों खेमे के सक्रिय होने और सीएम को लेकर हुई बयानबाजी के चलते हाईकमान को बीच में दखल देना पड़ा था. राहुल की फटकार के बाद से दोनों नेता हर मंच पर एकजुट रहकर काम करने का संदेश दे रहे हैं. लेकिन, अब गहलोत के स्क्रीनिंग कमेटी में पहुंचने के बाद से पायलट खेमे की बेचैनी बढ़ गई है. सूत्रों का कहना है कि पायलट खेमे को आशंका है कि गहलोत के इस कमेटी में शामिल होने के बाद उनके समर्थकों के टिकट की राह मुश्किल हो सकती है. गौरतलब है कि कुमारी शैलजा को भी गहलोत का करीबी माना जाता है. इनकी नियुक्ति कमेटी की चेयरमैन के रूप में तब हुई थी जब पायलट विदेश दौरे पर गए हुए थे.
दिल्ली में जारी स्क्रूटनी कमेटी की बैठक

उधर, दिल्ली में कांग्रेस की स्क्रूटनी कमेटी की बैठक चल रही है. इस बैठक में स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा, राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ सचिन पायलट, राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, चारों प्रभारी सचिव , हरीश चौधरीस,  चंद्रेश कुमारी,  गिरजा व्यास, रघुवीर मीणा आदि मौजूद हैं. इस बैठक में राजस्थान की 150 सीटों पर नामों के पैनल को तैयार करने पर मशक्कत की जाएगी. सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान सभी नामों पर मंथन करते हुए सभी पदाधिकारी हर सीट पर 3-3 नामों का पैनल तैयार करेंगे. वहीं, पायलट ने कहा आज की बैठक में उम्मीदवारों के पैनल के लिए नाम शार्टलिस्ट किए जाएंगे. वहीं, रामेश्वर डूडी ने कहा यह पहली बैठक है इसके बाद कुछ और बैठकें होंगी तब जाकर नाम फाइनल हो सकेंगे.