राजस्थान में कमजोर सीटों पर जीत के लिए भाजपा के केंद्रीय नेता बनेंगे संकट मोचन

जोधपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के रण में जीत का परचम लहराने के लिए भाजपा ने जमीनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव की सीटों को तीन कैटेगरी में बांटा है। वहीं कमजोर सीटों पर जीत दिलवाने की जिम्मेदारी पार्टी केंद्रीय नेताओं को सौंपने जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में चुनावी रण में चल रहे सियासी दांव-पेच के बीच भाजपा आलाकमान ने रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि सरकार विरोधी लहर के चलते चुनाव मैदान में बढ़ी राजनीतिक द्वंद के बीच यह निर्णय किया गया है। इसके तहत पार्टी राज्य की उन सीटों की जिम्मेदारी केंद्रीय नेताओं को सौंपेगी, जहां भाजपा ने कभी खाता भी नहीं खोला है। इन सीटों पर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने और उसे जीत में बदलने के लिए इन नेताओं को उतारा जाएगा। सूत्रों ने बताया कि राज्य में करीब दो दर्जन ऐसी सीटें हैं, जिन्हें पार्टी स्तर पर कमजोर मान रही है। इन सीटों को जीतने के लिए ही पार्टी पदाधिकारियों ने ये योजना बनाई है। इसके तहत माना जा रहा है कि केंद्रीय नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के पास एक या दो सीटों की जिम्मेदीर दी जाएगी। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह  भी चुनाव को लेकर पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गए हैं। राज्य के हर संभाग में सम्मेलन करते हुए वे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं।