सियासी मेले में विरोध और रोष की ‘पुरवाई’, टिकट के लिए भाजपा में अब कपड़े फटने शुरू

जयपुर . चुनावी मौसम में लग रहे सियासी मेले में विरोध और रोष की ‘पुरवाई’ बहने लगी है. कांग्रेस तो पहले ही इससे जूझ रही है, वहीं, अब भाजपा के भीतर भी कपड़े फटने शुरू हो गए हैं. टिकट को लेकर जातिगत और जमीनी समीकरणों को खंगालने निकली टीम को हर जगह पार्टी कार्यकर्ताओं का रोष देखने के मिल रहा है. चाकसू और नागौर के विधायक के विरोध में कार्यकर्ताओं का गुस्सा देख चुके मंत्री और नेताओं को जयपुर शहर और कोटा में भी कार्यकर्ताओं ने जमीनी आईना दिखाया. कार्यकर्ताओं के गुस्से और तेवर को देख पार्टी पदाधिकारी भी सकपका गए और लोगों से कहने लगे कि कुछ भी हो पीएम मोदी के लिए ये चुनाव जिताना होगा.
भाजपा की ओर से बनाई गई 6 मंत्रियों और संगठन के नेताओं की विशेष टीम इन दिनों जोर-शोर से जिलों का दौरा कर रही है. इस दौरे के दौरान ये टीम वहां के सीटों की स्थिति का आंकलन करने के साथ ही जातिगत समीकरणों के नब्ज को भी टटोल रही है. जमीनी आंकलन लेने जिलों में निकले मंत्री और संगठन के नेताओं को कार्यकर्ताओं के रोष का सामना भी करना पड़ रहा है. जयपुर ग्रामीण के चाकसू विधायक लक्ष्मीनारायण बैरवा  के खिलाफ स्थानीय कार्यकर्ता केंद्रीय राजयमंत्री अर्जुनराम मेघवाल और प्रदेश प्रभारी अविनाश राय के सामने नारे लगाए. साथ ही विधायक पर उपेक्षा का आरोप लगाया. वहीं, नागौर में विधायक सुखाराम नेतड़िया के विरोध में लामबंद कार्यकर्ता फीडबैक लेने आए मंत्री और नेताओं से इस बार इन्हें टिकट नहीं देने की मांग कर दी. इसके एक दिन के बाद फिर से जयपुर शहर और कोटा में कार्यकर्ताओं का रोष सामने आया है. जयपुर शहर में बैठक के दौरान मौके पर पहुंचे कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि पांच साल तक बड़े नेताओं की बात सुनी जाती है. लेकिन, चुनाव में हमारी बात सुनी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि हम बताएंगे कि जमीनी हकीकत क्या है. इस पर मौजूद मंत्री और नेता ने उन्हें बैठक से बाहर जाने को कह दिया. वहीं, कोटा में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर जब चुनिंदा पदाधिकारी से फीडबैक ले रहे थे. तभी मौके पर एक कार्यकर्ता पहुंच गया.
उक्त कार्यकर्ता ने कविता पढ़ते हुए अपना रोष बताने लगा. तभी उसे रोक दिया गया और बाहर भेज दिया गय. वहीं, डीडवाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा कार्यकर्ता नंद किशोर ढाका के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता और सरपंच मंत्री यूनुस खान का टिकट कटवाने के लिए प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचे। नंद किशोर ने  पहले सीएम और फिर प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी से मिले। साथ ही यूनुस को टिकट नहीं देने की मांग की। साथ ही चेतावनी भी दी कि टिकट दिया गया तो नाराजगी का खामियाजा उठाना पड़ेगा।
कार्यकर्ताओं का जमीनी रोष सामने आने के बाद से पार्टी पदाधिकारी भी अब चिंतित हो गए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि टिकट के चयन को लेकर इस बार पार्टी के भीतर जबरदस्त मशक्कत होगी. कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते कई मौजूदा विधायकों के टिकट भी कट सकते हैं. वहीं, फीडबैक लेने मैदान में निकले मंत्री और संगठन के नेता कार्यकर्ताओं का रोष देखने के बाद सभी को एक ही मंत्र दे रहे हैं. वे हर किसी से यही कह रहे हैं कि ये चुनाव पीएम मोदी के लिए जीतना होगा. चाहे कुछ भी हो जाए.