हनुमान बेनीवाल के घर में ही आग लगाने की योजना….भतीजी को कर रहे हैं तैयार

खींवसर सीट से निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल के सामने उनकी ही भतीजी डॉ. अनिता बेनीवाल ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. जानकारी के मुताबिक डॉ. अनिता भाजपा के टिकट से खींवसर में चुनाव लड़ेंगी. हालांकि अभी तक भाजपा ने टिकट की सूची जारी नहीं की है लेकिन आज खुद डा. अनीता बेनीवाल  नागौर में मीडिया से रूबरू हुई और उन्होंने कहा कि खींवसर में जितना विकास होना चाहिए था. वर्तमान जनप्रतिनिधि उतना विकास नहीं करा पाए हैं. उन्होंने सीधे-सीधे विधायक हनुमान बेनीवाल के कार्यकाल पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जनता पिछले 10 साल में परेशान हैं. उनकी उन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया जिनका कि वास्तव में होना चाहिए था और जनता ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए आग्रह किया है. अनिता ने कहा कि खींवसर की जनता चाहती है कि वह चुनाव लड़े और इसी के मद्देनजर डॉ. अनिता ने ऐलान कर दिया है कि वह खींवसर से विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है. दूसरी ओर खींवसर जहां हनुमान बेनीवाल का एक छत्र राज है और प्रदेश के कई इलाकों में भी वह अपनी सक्रियता के कारण अपना प्रभाव रखते हैं तो चुनाव में भाजपा और कांग्रेस उन्हें घेरने के हिसाब से अपनी अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं. जहां 2 दिन पहले सीकर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली के दौरान नागौर जिले के दो दिग्गज परिवारों राम रघुनाथ चौधरी की बेटी बिन्दू चौधरी और पूनिया परिवार के विजय पूनिया  कांग्रेस ज्वाइन की थी. माना जा रहा है कि ये कांग्रेस की बेनीवाल को घेरने की रणनीति का ही एक हिस्सा है. इसके साथ ही भाजपा ने भी अब बेनीवाल को घर में घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. इसी के तहत खींवसर विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले बेनीवाल को उनके घर में घेरने के लिए बेनीवाल के सबसे बड़े भाई और पूर्व सरपंच स्वर्गीय राम प्रसाद बेनीवाल की बेटी अनीता बेनीवाल खींवसर से उतारने की रणनीति बनाई है.

अनिता बेनीवाल को उम्मीदवार बनाने से बीजेपी को क्या होगा फायदा

  • अनीता बेनीवाल के चुनाव मैदान मे रहने पर विधायक हनुमान बेनीवाल को चुनाव प्रचार के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र में ही रहना पड़ेगा. इसके चलते अन्य सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करते हैं तो उन्हें वहां जाने का समय बहुत कम मिल पाएगा. जिससे वे भाजपा के वोट बैंक में सेंध नहीं लगा पाएंगे.
  • एक ही परिवार के 2 सदस्यों के चुनाव लड़ने से बेनीवाल के परंपरागत वोट भी दो फाड़ हो जाएंगे जिससे बेनीवाल को सीधे सीधे नुकसना होगा.
  • डॉ अनिता बेनीवाल ने बताया कि उन्हे खुद भाजपा की तरफ से खींवसर से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया गया है और अगर किसी वजह से भाजपा का टिकट भी उन्हें नहीं मिलता है तो वे खींवसर से चुनाव जरूर लड़ेगी चाहे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ही चुनाव मैदान मे उतरना पड़े.

कौन हैं अनीता बेनीवाल ?

  • अनीता बेनीवाल, हनुमान बेनीवाल बड़े भाई राम प्रसाद बेनीवाल की बेटी हैं.
  • रामप्रसाद बेनीवाल ने ही अपने पूर्व विधायक पिता रामदेव बेनीवाल की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में हनुमान बेनावाल का सहयोग किया.
  • एक मर्डर केस मे तीनों भाई हनुमान बेनीवाल, प्रह्लाद बेनीवाल और रामप्रसाद बेनीवाल जेल मे बंद हो गए थे, बाद मे हनुमान बेनीवाल की जमानत हो गई जबकि रामप्रसाद व प्रह्लाद बेनीवाल की जेल मे ही मृत्यु हो गई थी.
  • उसके बाद हनुमान बेनीवाल और स्वर्गीय रामप्रसाद के परिवार मे दूरियां बढ़ गई और अब स्थिति बगावत पर आ गई है.
  • रामप्रसाद बेनीवाल पीडब्ल्यूडी मे डब्बल ‘ए’ क्लास के बड़े कान्ट्रेकटर थे और तीन बार अपनी पैतृक ग्राम पंचायत में सरपंच भी रहे.
  • डॉ अनिता बीडीएस है और अब राजनीति मे अपने दादा व पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए चुनावी मैदान मे अपने सगे चाचा हनुमान के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर ताल ठोक कर हनुमान की परेशानी बढ़ा दी है.