राहुल कह गए कार्यकर्ता को मिलेगा टिकट, शैलजा कहती हैं जिताऊ ही उतरेगा मैदान में

जयपुर . चुनावी मैदान में भाजपा को मात देने के लिए जाल बुन रही कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर मंथन जारी है. टिकट को लेकर प्रदेश चुनाव समिति की बैठक भी हो चुकी है. इस बैठक के बाद स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा ने साफ कर दिया है कि चुनाव मैदान में उन्हें ही उतारा जाएगा जो जीत सकें. शैलजा के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि टिकट का पैमाना केवल जीत ही होगी. ऐसे में सवाल उठता है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की आदर्शवादी बातों का क्या होगा.
चुनाव के समर में कूदी कांग्रेस के भीतर टिकट को  लेकर संग्राम पिछले कई महीने से जारी है. हर विधानसभा सीट पर बहुसंख्यक दावेदारी को देखते हुए कांग्रेस के आला नेता भी चिंतित हैं. वहीं, राजस्थान में दो चुनावी सभा कर चुके पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी टिकट के मामले में साफ कर चुके हैं कि कोई पैराशूट या बाहरी प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारेंगे. वे डूंगरपुर के सागवाड़ा में सभा के दौरान यह भी कह चुके हैं कि पार्टी कार्यकर्ता जिसे चाहेंगे, उसे ही प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा जाएगा. राहुल की ये आदर्शवादी बातों के बाद से कार्यकर्ता के मन में ये आज जरूर जग चुकी है कि इस बार टिकट वितरण में उसके सुझाव अहम होंगे.
लेकिन, प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के बाद कुमारी शैलजा के बयान राहुल के  बयान से विपरीत संकेत दे रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि हर सीट पर केवल जिताऊ उम्मीदवारों को ही उतारा जाएगा.  इसी पर मंथन जारी है. शैलजा के बयान के बाद पार्टी के भीतर चर्चा तेज हो चली है कि अब राहुल के कार्यकर्ता को दिए संदेश का क्या होगा. क्योंकि, शैलजा के बयान के बाद अब माना जा रहा है कि दो बार या इससे अधिक बार चुनाव हार चुके, उम्र की निश्चित सीमा को पार कर गए नेता भी टिकट की दौड़ में शामिल होंगे. वहीं, जिताऊ उम्मीदवार संबंधित सीट पर नहीं मिले तो बाहरी प्रत्याशियों को भी मौका दिया जा सकता है. वहीं, राजनीति के जानकारों का कहना है कि शैलजा के  बयान ने पार्टी के भीतर टिकट को लेकर जारी मंथन का आधार तय कर दिया है. हालांकि, हर सीट पर बहुसंख्यक दावेदारों के बीच एक जिताऊ का चयन करना या दूसरी जगह के प्रत्याशी को लाकर खड़ा करना आसान नहीं है. ऐसा होने पर पार्टी को भीतरघात होने की आशंका भी है.  यही वजह है कि कांग्रेस टिकट का चयन बड़ी सतर्कता के साथ करने में जुटी है. जिससे किसी भी प्राकर का विरोध पैदा नहीं हो सके. आपको बता दें कि कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार जयपुर से  दिल्ली तक भागदौड़ कर रहे हैं. बड़े नेताओं के पास पहुंचकर वे अपनी जीत का आधार बताने के साथ ही दूसरे को टिकट देने पर होने वाले नुकसान के बारे में भी आगाह कर रहे हैं. बहुसंख्यक दावेदारों की ओर से होने वाले शक्ति प्रदर्शन करने के बाद से कांग्रेस के आला नेता भी इस पसोपेश में पड़ गए हैं. दावेदारों को समझाने के लिए पार्टी के बड़े नेता कई बार बयान भी दे चुके हैं, लेकिन, इसका असर दावेदारों पर ज्यादा पड़ता नजर नहीं आ रहा है.
पहली लिस्ट में नहीं है दिक्कत

पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे सीटें जिस पर पार्टी के दिग्गज या एक ही नाम तय हैं. उन सीटों के प्रत्याशियों की सूची जल्द आ जाएगी. इसमें उन नामों को शामिल किया गया है जिनके आगे किसी और की दावेदारी ज्यादा महत्व नहीं रखती है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये लिस्ट शीघ्र जारी कर दी जाएगी. हालांकि, दूसरे और तीसरे सूची को जारी होने में समय लग सकता है. क्योंकि,  इसी सूची में दावेदारों के बीच संघर्ष का पेच फंसा हुआ है.