दिल्ली में अशोक गहलोत के सामने दावेदारों का हंगामा….जमकर की नारेबाजी

नई दिल्ली . राजस्थान में चुनावी घमासान के दरमियान कांग्रेस के भीतर टिकट के दावेदारों की खींचतान प्रदेश कांग्रेस से निकलकर दिल्ली पहुंच गई है. दूदू विधानसभा सीट को लेकर आमने-सामने पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर और पुष्पा मेघवाल अपने समर्थकों के साथ दिल्ली पहुंच गए. यहां कांग्रेस मुख्यालय के सामने दोनों दावेदारों के समर्थकों ने शक्तिप्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की. टिकट की मांग को लेकर झंडा बुलंद करने वाले दोनों दावेदारों के समर्थकों ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के कार्यालय के सामने भी नारे लगाए.
पहले कांग्रेस मुख्यालय पर फिर संगठन महासचिव अशोक गहलोत के चैम्बर के आगे पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर और पुष्पा मेघवाल समर्थकों ने खुलकर नारेबाजी की. कार्यकर्ताओं को जब सूचना मिली कि अशोक गहलोत 15 जीआरजी पर है तो सभी एकत्रित होकर वहां पहुंच गए. गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर दोनों पक्ष खुलकर आमने सामने आ गए व आरोप प्रत्यारोप करने लगे . मामला इतना बढ़ गया कि हाथापाई तक कि नौबत आ गई . इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों से समझाईश की . पुष्पा मेघवाल समर्थकों ने आरोप लगाया कि बाबूलाल नागर पर दुष्कर्म जैसे गम्भीर आरोप है उसको टिकट देने से प्रदेश में गलत संदेश जाएगा.  वहीं नागर समर्थकों का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर पुष्पा मेघवाल बाहरी विधानसभा और राज्य के लोगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस का माहौल खराब कर रही है.
नागर समर्थकों ने ये भी आरोप लगाए कि पुष्पा के समर्थन में जो लोग है उन्हें पैसे देकर लाया गया है. कांग्रेस मुख्यालय के सामने एकत्रित हुए पुष्पा मेघवाल और बाबूलाल नागर के समर्थक एक-दूसरे बढ़-चढ़कर ताकत का प्रदर्शन करते नजर आए. समर्थकों ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव गहलोत के कार्यालय के सामने खड़े होकर नारे लगाए. साथ ही अपनी ताकत को भी रह-रहकर भीड़ के जरिए बताने की कोशिश की. दोनों दावेदारों की ओर से किए गए शक्ति प्रदर्शन के चलते एआईसीसी कार्यालय में हलचल बढ़ गई. दावेदारों को शांत करने के लिए समझाइश का दौर भी चलता रहा.  आपको बता दें कि टिकट को लेकर इससे पहले राजस्थान कांग्रेस कार्यालय पर भी पूर्व मंत्री नागर अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं. वहीं, पुष्पा मेघवाल भी समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पहुंच कर नागर के खिलाफ नारे लगाते हुए नारे लगाते हुए शक्ति प्रदर्शन किया. गौरतलब है कि  बाबूलाल नागर दुष्कर्म के एक मामले में तीन साल अधिक समय जेल में बिता चुके हैं. हालांकि फिलहाल उन्हें अदालत ने बरी कर दिया है.पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान वह जेल में ही थे इसलिए वह चुनाव नहीं लड़ सके थे. अब बरी होने के बाद बाबू लाल नागर फिर से टिकट की कतार में हैं.
बैठक का बदला स्थान

टिकट के दावेदारों की भीड़ और उनके विरोध को देखते हुए पार्टी ने छानबीन समिति की बैठक के स्थान में परिवर्तन कर दिया. सुबह से  एआईसीसी कार्यालय पर टिकट के दावेदारों और उनके समर्थकों की भीड़ के बाद बैठक का स्थान बदलने का निर्णय किया गया. अब ये बैठक किसी गुप्त स्थान पर होगी.  आपको बता दें कि छानबीन समिति राजस्थान के  150 सीटों पर सामने आए नामों पर मंथन करते हुए पैनल बनाने में जुटी हुई है.