राहुल की आंधी में चंद्रभान, कल्ला, बेनीवाल सब उड़े….संयम लोढा भी धराशायी…

दरअसल कांग्रेस ने इस बार पहले ही तय कर दिया था कि लगातार दो बार से हार रहे नेताओं को कांग्रेस इस बार टिकट नहीं देगी. लेकिन इससे कमला बेनीवाल के परिवार और दोनों प्रदेशाध्यक्षों को अलग माना जा रहा था. ऐसे में आज जब लिस्ट सामने आयी तो कांग्रेस ने साफ कर दिया कि लगातार दो बार से हार रहे नेताओं को टिकट लिस्ट में इस बार शामिल नहीं किया जाएगा.

जहां बीडीकल्ला लगातार दो चुनाव बीकानेर वेस्ट सीट से हार चुके हैं तो वही डॉ चंद्रभान भी लगातार तीन अलग अलग विधानसभा सीटों से हारने की हैट्रिक लगा चुके हैं. इसी तरह से गुजरात की पूर्व राज्यपाल और राजस्थान की डिप्टी सीएम रह चुकी कमला बेनीवाल साल 2003 में खुद बैराठ तो उसके बाद से लगातार दो बार उनके बेटे आलोक बेनीवाल शाहपुरा से चुनाव हार गये थे. ऐसे में पार्टी ने आलोक का टिकट काटकर उनकी जगह राजस्थान विश्वविघालय के पूर्व अध्यक्ष मनीष यादव को टिकट दिया है.

 
वो नेता जिनके दो बार हारने  के चलते कटे हैं टिकट 
  • बीडीकल्ला की जगह यशपाल  गहलोत- बीकानेर वेस्ट

बीडीकल्ला प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं. इतना ही नहीं कल्ला राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष भी रहें हैं. लेकिन बीते दो चुनाव लगातार बीडी कल्ला बीकानेर ईस्ट से हार चुके हैं. ऐसे में इस बार भी उन्होने दावेदारी जतायी थी, लेकिन उनकी ये दावेदारी पार्टी ने नहीं मानी और इस बार कल्ला का टिकट काट यशपाल गहलोत को टिकट दे दिया.

  • चंद्रशेखर वैध की जगह नरेन्द्र बूढानिया- तारानगर

राजस्थान में तारानगर की सीट को वैध परिवार की फिक्स सीट माना जाता है. इस सीट से 1980 से 1998 तक चंदनमल वैध चुनाव जीते, फिर उनके बेटे डॉ चंद्र शेखर वैध इस सीट से 2003 में चुनाव जीते, लेकिन साल 2008 और 2013 में चंद्रशेखर वैध चुनाव हार गये. जिससे वो भी इस बार दो बार चुनाव हारने वालों के राइडर में आ गये और उनका टिकट भी कट गया.

  • आलोक कमला बेनीवाल की जगह मनीष यादव- शाहपुरा

शाहपुरा सीट परिसीमन से पहले बैराठ कहलाती थी, जो हमेशा से कांग्रेस की दिग्गज जाट नेता कमला बेनीवाल की सीट रही. लेकिन साल 2003 में कमला बेनीवाल बैराठ सीट से हार गयी. इसके बाद साल 2008 में राज्यपाल बन जाने के बाद उन्होने परिसीमन के बाद बनी सीट शाहपुरा को अपने बेटे को सौंप दिया. लेकिन आलोक लगातार दो चुनाव इस सीट से हार गए. जिसके चलते इस बार कमला बेनीवाल के परिवार का टिकट भी काट दिया गया है.

  • विक्रम सिंह शेखावत की जगह सीताराम अग्रवाल- विधाधर नगर

जयपुर की विधाधर नगर सीट पर विक्रम सिंह शेखावत लगातार बीते दो चुनाव हार रहे थे. ऐसे में उनकी जगह इस बार कांग्रेस ने सीताराम अग्रवाल को टिकट दिया है.

  • गिरीश कुमार की जगह हिमांशु कटारा- नदबई

भरतपुर की नदबई सीट से लगातार दो बार से गिरीश कुमार को टिकट मिला और चुनाव हार गए. ऐसे में इस बार गिरीश कुमार का टिकट काटकर उनकी जगह हिमांशु कटारा को पार्टी ने नया चेहरा उतारा है.

  • नवलकिशोर मीणा की जगह इंद्रा मीणा- बामनवास

बामनवास सीट से लगातार बीते दो विधानसभा चुनाव नवल किशोर मीणा लड़ रहे थे, लेकिन इस बार कांग्रेस ने नवल किशोर मीणा की जगह इंद्रा मीणा को टिकट दिया है.

  • श्रीगोपाल बाहेती की जगह महेन्द्र रलावता- अजमेर उत्तर

लगातार दो बार से कांग्रेस की टिकट पर अजमेर की उत्तर सीट पर इस बार कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार महेन्द्र सिंह रलावता को बनाया है.

  • महेन्द्र सिंह गुर्जर की जगह रामनारायण गुर्ज- नसीराबाद

प्रदेश की नसीराबाद सीट से महेन्द्र  सिंह गुर्जर के चुनाव हारने के चलते उनके ही परिवार में रामनारायण गुर्जर को टिकट दिया गया है. हालांकी ये टिकट रामनाराण गुर्जर को उपचुनाव होने के साथ ही मिल गयी थी.

  • खुशवीर सिंह की जगह जस्साराम- मारवाड़ जंक्शन

राजस्थान की मारवाड़ जंक्शन सीट पर भी खुशवीर सिंह लगातार दो चुनाव हारने के चलते इस बार कांग्रेस के टिकट से हाथ धो बैठे हैं. उनकी जगह जस्साराम को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है.

  • ओम जोशी की जगह महेश व्यास- फलोदी

ओम जोशी बीते दो चुनाव लगातार हार रहे थे. ऐसे में पार्टी ने  इस बार फलोदी की सीट महेश व्यास को दी गयी है.
रामलाल मेघवाल की जगह मंजू मेघवाल-  जालौर(एससी)
लगातार दो चुनाव हार चुके रामलाल मेघवाल की जगह इस बार कांग्रेस ने मंजू मेघवाल को टिकट दिया है.

  • संयम लोढा की जगह जीवाराम- सिरोही

सिरोही से कांग्रेस के फायरब्रांड नेता संयम लोढा भी लगातार दो बार हार गए. जिसके चलते उनका भी टिकट काट दिया गया. उनकी जगह इस बार सिरोही से जीवाराम को मैदान में उतारा गया है.

  • लाल शंकर घाटिया की जगह गणेश गोगारा- डूंगरपुर

डूगरपुर विधानसभा से लगातार दो बार से चुनाव हार रहे लाल शंकर घाटिया की जगह गणेश गोगारा को टिकट दिया गया है.

  • हरी सिंह राठौड़ की जगर नारायण सिंह- राजसमंद

भाजपा की दिग्गज नेता किरण महेश्वरी के सामने कांग्रेस के हरी सिंह राठोड़ लगातार दो चुनाव हार चुकें हैं. ऐसे में कांग्रेस ने हरी सिंह का टिकट काट नारायण सिंह को मैदान में उतारा है.

  • प्रेमचंद नागर की जगह रामनाराण मीणा- पीपल्दा

पीपल्दा सीट से कांग्रेस प्रेमचंद नागर को टिकट देती रही है, लेकिन दो बार हारने के चलते उनकी भी टिकट काटकर पीपल्दा से रामनाराण मीणा को दी गयी है.