आधी आबादी को भरोसे में ले कांग्रेस साधेगी सत्ता की राह, यह बनाई प्लानिंग

जयपुर . चुनावी रण में उतरी कांग्रेस सत्ता की राह आसान बनाने के लिए इस बार महिला प्रत्याशियों पर दांव लगाने की तैयारी कर दी है. मंच से कई बार महिलाओं को राजनीतिक रूप से आगे रखने को लेकर निर्देश दे चुके पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा को भांपते हुए स्क्रीनिंग कमेटी नए फॉर्मूले पर काम कर रही है. इसके तहत इस बार कांग्रेस 35 से अधिक महिला प्रत्याशियों चुनाव के मैदान में उतार सकती है.
पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए राजस्थान का कई बार दौरा कर चुके राहुल गांधी ने आधी आबादी को पार्टी के पक्ष में करना चाहते हैं. यही वजह है कि अब तक उनकी जितनी भी सभाएं हुई हैं, उनमें लगभग हर सभा में उन्होंने महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट देने की वकालत की थी. साथ ही मंच पर बैठे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी इस संबंध में निर्देश दे चुके हैं. राहुल की ओर से कई बार मिले निर्देश के बाद पार्टी नेता जिताऊ महिला प्रत्याशियों को लेकर मंथन जारी है. वहीं, प्रत्याशियों के चयन के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी ने भी महिला प्रत्याशियों को लेकर मंथन कर रही है. सूत्रों ने बताया कि पार्टी इस बार हर जिले से कम से कम एक महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारने का मन बनाया है. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी 35 से अधिक महिला प्रत्याशियों को टिकट दे सकती है. इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी ने विशेष फॉर्मूला भी तैयार किया है. राहुल के निर्देश के बाद पार्टी से टिकट मांग रही महिला दावेदारों में भी उत्साह है. आपको बता दें कि अभी केवल अलवर जिले के बानसूर विधानसभा सीट से ही एक महिला विधायक हैं. वहीं, राजनीति के जानकारों का कहना है कि राहुल प्रदेश में आधी आबादी को राजनीति के अग्रिम पंक्ति में लाने की वकालत करते हुए बड़ा कार्ड खेला है. वे अधिस से अधिक महिला प्रत्याशियों को चुनाव में टिकट देकर आधी आबादी के बीच यह संदेश देना चाहते हैं कि केवल कांग्रेस ही महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर काम करती है. जानकारों की मानें तो इस कार्ड के जरिए कांग्रेस महिला वोटों को भी अपनी तरफ मोड़ने का प्रयास कर रही है.