19 सीटों पर गहलोत-पायलट नहीं ले पाए फैसला, मामला अब 4 सदस्यीय हाईकमेटी को

चार सदस्यों वाली इस कोर कमेटी  में अहमद पटेल, मुकुल वासनिक, वीरप्पा मोइली और पीसी चाको को शामिल किया गया है. यह कमेटी अब सीईसी (केन्द्रीय चुनाव समिती) में विवाद वाली टिकटों पर फैसला लेगी. कमेटी के सभी सदस्य अपने स्तर पर नए सिरे से फीडबैक लेंगे जिन्हें रायशुमारी कर अलग से रखा जाएगा.
कमेटी को विवादित सीटों पर तीन नामों का एक पैनल दिया जाएगा जिस पर कर सभी सदस्य आपत्ती जताने वाले नेताओं से राय लेंगे. इसके बाद राहुल गांधी को एक फाइनल नाम सौंपा जाएगा. कमेटी इन विवादित सीटों पर जल्द ही फैसला लेगी. लेकिन इससे पहले गैर विवादित सीटों की सूची कांग्रेस जारी कर सकती है.
इन 19 सीटों पर है विवाद

सूत्रों के अनुसार कमेटी को जो विवादित सीटों के नाम सौंपे गए हैं उनमें जयपुर ग्रामीण से फुलेरा, विराटनगर और शाहपुरा शहर क्षेत्र से झोटवाड़ा सीट, हनुमानगढ़ जिले की दो नोहर और संगरिया, जोधपुर की तीन ओसियां, लूनी और फलौदी, बीकानेर पूर्व, पाली की जैतारण सीट, गंगानगर की सूरतगढ़, नागौर और लाडनूं, भरतपुर जिले से नदबई सीट, टोंक जिले से देवली और उनियारा, जैसलमेर सीट, चूरू जिले से रतनगढ़ सीट पर विवाद है.

क्या है विवाद की जड़
आपको बता दें कि सोमवार को सीईसी की बैठक में कुछ सीटों को लेकर पीसीसी चीफ सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी में विवाद हो गया था. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सोनिया गांधी के सामने ही बहस हो गई थी जिसके बाद कई दफा कांग्रेस के 15 जीआरजी स्थित वार रूम में बैठक बुलाई गई. अंदरखाने देर रात तक विवादित सीटों पर माथपच्ची होती रही. जब फिर भी कोई फैसला नहीं हो सका तो आलाकमान ने मंगलवार को यह फैसला लिया है कि विवादित सीटों को अलग कर इन पर कमेटी नियुक्त कर दी जाए. बुधवार देर शाम को राहुल गांधी के निर्देश पर चार सदस्यों की हाई कमेटी गठित कर दी गई है जो इन सीटों पर मंथन कर सीधे राहुल गांधी को रिपोर्ट करेगी.

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