सरकार इलेक्शन मोड में, आपणी-आपणी थाली सरका लो, जितनी रोट्टी मिल जाए उतनी कम

जयपुर। चुनावी साल में सियासत के मैदान में राजनीतिक दलों के बीच सत्ता की लड़ाई चरम पर पहुंच रही है. सभी राजनीतिक दल सत्ता तक पहुंचने के लिए दांव दर दांव आजमा रहे हैं. वहीं, सरकार से नाराज कर्मचारी संगठन भी म्यान से तलवार निकालकर मैदान में आ धमके हैं. अपनी मांगों को लेकर कार्यालय से लेकर सड़क तक डटे सरकारी कर्माचारियों को शांत करने में सरकार को पसीना आ रहा है. हालात यह है कि जिधर नजर घुमाओ बस आंदोलित कर्मचारियों के नारों की गूंज ही सुनाई दे रही है. चुनाव करीब है. कुछ दिनों के बाद आचार संहिता की घोषणा हो जाएगी. इससे पहले अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए कर्मचारी संगठन सड़क पर उतर आए हैं. क्योंकि, उन्हें मालुम है कि आचार संहिता लगने के बाद कुछ नहीं हो पाएगा. यही कारण  है कि  एक या दो नहीं करीब डेढ़ दर्जन कर्मचारी संगठनों की नाराजगी एक-एक करके बाहर आ रही है. सरकार के खिलाफ हल्ला बोल चुके इन कर्मचारी संगठन के बीच वसुंधरा सरकार ‘अभिमन्यु’ बनकर अपना भी बचाव करने की कोशिश कर रही है. वहीं, कर्मचारियों को शांत करके सियासी हलचल को भी स्थिर करने में जुटी है. लेकिन, इस काम में भी अभी सरकार को कोई सफलता मिलती नजर नहीं आ रही है. मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारी संगठन आंदोलन को बिना मांग पूरा किए खत्म करने को तैयार नहीं हो रहे हैं. वहीं, कर्मचारी संगठन और सरकार के बीच की रस्साकशी में कोई पिस रहा है तो वो है आमजनता.
ये संगठन बढ़ा रहे हैं सरकार की मुश्किलें

आरएएस एसोसिएशन ने भी चेताया
आरएएस अफसरों ने भी अब मांगें नहीं माने जाने पर सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है. मांगों को लेकर आरएएस एसोसिएशन की विशेष बैठक अध्यक्ष पवन अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई थी. जिसमें एसीबी की ओर से अनावश्यक प्रमोशन न करने, सलेक्शन, सुपर टाइम, हायर सुपर टाइम स्केल में सारे ड्यू प्रमोशन करने, अनुभव में शिथिलता देकर प्रमोशन करने की मांग की गई . बताया जा रहा है कि आरएएस के 77 पदों पर कैंची चलाने को लेकर अधिकारियों में खासा रोष है. आरएएस एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि किसी भी पद में कोई कटौती स्वीकार नहीं होगी. ग्रामीण विकास अफसरों को सीईओ व एसीईओ पद देने का भी एसोसिएशन ने विरोध किया है. इसके अलावा एसोसिएशन ने प्रमोशन के एक तिहाई पद आरएएस के पास होने, कैबिनेट निर्णय अनुसार एक तिहाई पद आरएएस के होने, अतिरिक्त निदेशक, उपसचिव पद आरएएस से न लेने की मांग भी की है. एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि ये मांगें पूरी नहीं की गई तो आरएएस अधिकारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे.
मंत्रालयिक कर्मचारी संघ
पिछले कई दिनों से मंत्रालयिक कर्मचारी संघ भी आंदोलन जारी रखे हुए है. इनकी प्रमुख मांगों में 3600 ग्रेड पे करना, सचिवालय कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते करना, उच्च पदोन्नति के पदों का मामला, अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों को टंकण मुक्त करने सहित कई मांग शामिल हैं. 9 सूत्री मांगों को लेकर सरकार के सामने विरोध प्रदर्शन कर दो दिन का कार्य बहिष्कार किया गया. सरकार के समक्ष 27 अगस्त 2017 को जो समझौता हुआ था. जिसमे 3600 पे ग्रेड करने और सचिवालय कर्मचारियों के बराबर वेतन भत्ता करने के लिए सोलंकी कमिटी बनाई गई थी. लेकिन, कमेटी की ओर से इन दोनों मुद्दों पर कोई कार्रवाई नही की गई.
राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ
विभिन्न मांगो को लेकर राजस्थान परिवहन निरीक्षक संघ के कर्मचारियों ने भी आंदोलन छेड़ दिया है. अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशभर के उप निरीक्षक, निरीक्षक आज सामूहिक अवकाश पर हैं. संघ के कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दिया है. सात सूत्री मांगो में प्रमुख रूप से लंबे समय से परिवहन निरीक्षकों को पदोन्नति नहीं देने. साथ ही रात में होने वाली चैकिंग को बंद करने  और बिना फ्लेशर के चैकिंग करने से हो रही दिक्कतों को लेकर ज्ञापन दिया है. कर्मचारियों का आरोप है कि इस संबंध में गठित की गई कमेटी की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई.
पंचायती राज कर्मचारी संघ
पंचायती राज कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारी रिक्त पदों सहित सात सूत्री मांगों को लेकर आंदोलित हैं. कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति देने सहित सात सूत्री मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलित हैं. संघ से जुड़े कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं.

  • राजस्थान इंजीनियर एकता मंच – ग्रेड पे 4800 की मांग को लेकर राजस्थान के इंजीनियर भी आंदोलित हैं. आज हड़ताल पर है.
  • विधुत श्रमिक संघ – ग्रेड पे सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर पिछले दिनों महापड़ाव डाला गया. इसमे भी सरकार ने सिर्फ एक मांग को पूरा किया. जबकि, चार मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी ही दी गई. शेष मांगों को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार को समय दे रखा है. इसके बाद वापस  पड़ाव डालने की बात कही है.
  •  कनिष्ठ अभियंता एकता संघः के कर्मचारी 4800 ग्रेड पे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.

कर्मचारी एकीकृत महासंघ
कर्मचारी एकीकृत महासंघ अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है. संघ से जुड़े कर्मचारी इन मांगो को लेकर पिछले कई दिन से आंदोलित हैं. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा. महासंघ से जुड़े  कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं.
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी
विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी है. पिछले सप्ताहभर से जारी इस हड़ताल के तहत अब तक जहां रोडवेज को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो चुका है. वहीं, यात्रियों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच अभी समझौता नहीं होने के चलते हड़ताल जारी है.
लो फ्लोर यूनियन
लो फ्लोर बस सेवा से जुड़े कर्मचारी भी हड़ताल पर  चल रहे हैं. इन कर्मचारियों के हड़ताल पर चलने के कारण यात्रियों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, कर्मचारी अपनी मांगो पर अड़े हुए हैं.