जैसलमेर की पूर्व महारानी राज्यलक्ष्मी कांग्रेस में जा तो रही हैं…..लेकिन टिकट का क्या

जैसलमेर . राजमहल की दहलीज पार करके चुनावी मैदान में ताल ठोक चुकी पूर्व महारानी रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी के भी कांग्रेस में शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं. पूर्व महारानी ने दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर बड़े नेताओं से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद अब माना जा रहा है कि वे जल्द कांग्रेस का दामन थाम सकती हैं. लेकिन, कांग्रेस में जाने की खबरों के बीच ये सवाल भी खड़ा होने लगा है कि उनके  टिकट का क्या होगा?.
दरअसल, ये  सवाल इसलिए बड़ा होता जा रहा है क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रदेश में अब तक की सभाओं में साफ कर चुके हैं कि वे किसी भी पैराशूट उम्मीदवार को चुनाव के मैदान में उतरने नहीं देंगे. उन्होंने यह भी कह दिया कि इसके बाद भी अगर कोई पैराशूट उम्मीदवार टिकट की कोशिश करेगा तो वे उसके पैराशूट का धागा काट देंगे. साथ ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की राय पर ही टिकट देने की बात कही है. ऐसे में रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच ये चर्चा उठने लगी है कि आखिर उन्हें टिकट मिलेगा या नहीं. क्योंकि, उनकी कांग्रेस में एंट्री को भी पैराशूट उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है. यही वजह है कि कार्यकर्ताओं से लेकर स्थानीय पदाधिकारियों के बीच उनके टिकट को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. पार्टी पदाधिकारियों का एक धड़ा जहां कांग्रेस में शामिल होने के बाद राज्यलक्ष्मी को टिकट देने से जिले में कांग्रेस को मजबूती मिलने की बात कह रहा है.
वहीं, दूसरे धड़े का कहना है कि राज्यलक्ष्मी को टिकट देने पर पैराशूट उम्मीदवारों की राह खुल जाएगी. आपको बता दें कि जैसलमेर की रियासत की पूर्व महारानी ने चुनाव लड़ने का एलान करते हुए यहां के राजनीतिक समीकरण को बिगाड़ दिया है. वे लोगों के जनसंपर्क कर रही हैं. सोमवार को उनके कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने के बाद से अटकलों का दौर शुरू हो चुका है. दिल्ली पहुंचकर उन्होंने सह प्रभारी विवेक बंसल सहित कई अन्य नेताओं के साथ मुलाकात की. वहीं, बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में वे पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर सकती हैं. जिसके बाद पूर्व महारानी के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी. गौरतलब है कि चुनाव के मैदान में उतरी पूर्व महारानी राज्यलक्ष्मी चुनाव प्रचार कर रही हैं. यहां के पूर्व राजपरिवार के प्रति लोगों में सम्मान और श्रद्धाभाव होने के चलते पूर्व महारानी का राजनीतिक पलड़ा ओरों की तुलना में भारी माना जा रहा है.
कांग्रेस से टिकट के दावेदारों की यह है स्थिति

जानकारों का कहना है कि कांग्रेस से इस बार जैसलमेर विधानसभा सीट टिकट के लिए मुकाबला रूपाराम धणदै व सुनीता भाटी के मध्य है. वहीं, यदि पूर्व महारानी भी कांग्रेस में जाती हैं तो टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी. जिसपर पार्टी पदाधिकारियों को भी प्रत्याशी के चयन में काफी असमंजस का सामाना करना पड़ सकता है. आपको बता दें कि जैसलमेर विधानसभा सीट पर 2400 मतों से हारने वाले रूपाराम धणदे पांच साल से जनता के बीच हैं. वहीं 2008 के चुनावों में 3000 मतों से हारने वाली कांग्रेस की सुनीता भाटी भी जनता के बीच जुडे रहने से दौड में शामिल हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here