भामाशाह कार्ड और राशन कार्ड की मशीनों पर लगे कमल के फूल को कब हटाएगा चुनाव आयोग- गहलोत

जयपुर। राजस्थान में आज पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनावा आयोग को फिर से सलाह दी है. गहलोत ने कहा कि प्रदेश में आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ रही है. उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय में एलईडी बल्ब बांटे जा रहे थे. जिस पर मुख्यमंत्री की फोटो लग रही थी उसको रोक दिया गया था. गहलोत का कहना है कि चुनाव आयोग को ध्यान में रखना चाहिए कि वाजपेयी सरकार के समय जो सड़कें बनी थी, उस पर जो वाजपेयी के होर्डिंग लगे थे उन्हें हटा दिया गया था. प्रदेश में अब भामाशाह कार्ड और राशन कार्ड को स्वैप करने की जो मशीनें लगी हैं, उस पर भी कमल का फूल का निशान लगा हुआ है. चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए.
सैकड़ों लोग मारे गये और सरकार चुनाव जीतने के जुगाड़ में लगी है

राजस्थान में फैल रही बीमारियों को लेकर भी गहलोत ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीमारियां फैल रही है. जिससे अब तक 232 लोग मारे गए हैं. इतना होने के बाद भी सरकार बेपरवाह होकर बैठी है और चुनाव जीतने का जुगाड़ करने में लगी है. जिस सरकार को जनता ने चुनकर भेजा था उसकी जिम्मेदारी है कि वो इसे देखे. गहलोत ने कहा कि भाजपा के लोग अब चुनाव जीतने के जुगाड़ में लग गए हैं. चुनाव जीत तो नहीं रहे हैं लेकिन जुगाड मे लगे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री राजे से अपील की कि वो लोगों के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करें. वहीं गहलोत ने प्रदेश में कानून व्यस्था की खराब स्थिती पर सवाल खडे करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था चौपट हो गयी है. यही कारण है कि फतेहपुर में एसएचओ की ही बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. ये नौबत इसलिए आयी क्योंकि भाजपा ने बदमाशों को छूट दे रखी थी. इसी तरह से हालात बजरी को लेकर भी प्रदेश के खराब है अब पुलिस वालों को सस्पेंड किया जा रहा है. गहलोत ने कहा कि यही कदम अगर सरकार साल भर पहले उठाती तो आज ये दिन नहीं आता. बजरी का एक ट्रक 5 हजार की जगह 35 हजार में बिक रहा है. बजरी माफिया बंधी ऊपर तक पहुंचा रहे हैं. प्रदेश में अकाल की स्थिति कई जिलों में बन गयी है लेकिन इस सरकार ने केवल नरेगा को कमजोर करने का काम किया है. गहलोत का कहना है कि नरेगा था तो लोगों को काम मिल रहा था लेकिन अब स्थिती खराब है. सीएम राजे ने 15 लाख रोजगार का वादा किया था. अब हिसाब दें कि प्रदेश में कितने रोजगार दिए. पहली बार देखा कि कई विभाग के कर्मचारी एक साथ हड़ताल पर चले गए और मुख्यमंत्री आचार संहिता लगने का इंतजार कर रही थीं.

 

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