तीसरे मोर्चे के राजस्थान में बीज पड़े हुए हैं पानी किसी ने नहीं दिया, अब हम देंगे- तिवाड़ी

जयपुर। चुनावी रण में जारी सियासी संग्राम के बीच भारत वाहिनी पार्टी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर ताल ठोक रही है. वहीं, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी चुनावी कमान थामे रणनीति बनाने में जुटे हैं. पार्टी की रणनीति को जमीनी रूप देने का काम कर रहे तिवाड़ी ने कोर कमेटी की बैठक के दौरान कहा कि वे राजस्थान में टीएमसी और चंद्रबाबू नायडू के तर्ज पर आगे बढ़ेंगे. पार्टी के कोर कमेटी की बैठक के दौरान उन्होंने चुनावी रणनीति पर चर्चा करते हुए सभी को चुनाव में जुटने का आह्वान किया. साथ ही यह भी कहा कि प्रदेश  में 1952 से ही तीसरी ताकत मौजूद रही है. यहां के सियासी दौर में रामराज परिषद, स्वतंत्र पार्टी, लोकदल और जनता दल के साथ ही हमेशा से निर्दलीयों को बोलबाला रहा है. पार्टी की आगली रणनीति पर चर्चा करते हुए तिवाड़ी ने कहा कि उनकी पार्टी 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोग कहते हैं कि कोई भी पार्टी खड़ी होते ही तुरंत नहीं जीतती है.  लेकिन, वे ये भूल जाते हैं कि तृणमूल कांग्रेस, चंद्रबाबू नायडू ने जितनी जल्दी सरकार बनाई. उतनी ही जल्दी प्रदेश में भी बदलाव आएगा. उन्होंने कहा कि भारत वाहिनी सामाजिक समरसता, आर्थिक न्याय, पानी, रोजगार, शिक्षा आदि मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है. तिवाड़ी ने यह भी दावा किया कि भाजपा के जो मजबूत वोट बैंक रहे हैं, उनका झुकाव भारत वाहिनी की तरफ है. इनमें प्रमुख रूप से  राजपूत, ब्राह्मण और व्यापारी शामिल हैं. आपको बता दें कि भाजपा से नाराज घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी से दशकों पुराना संबंध तोड़ने के बाद अपने बेटे की ओर से बनाई भारत वाहिनी पार्टी की कमान को संभाल लिया. पार्टी की चुनावी कमान को थामने के बाद से वे प्रदेश में दौरा  करते हुए सक्रिय हो चुके हैं. उन्होंने प्रदेश के सभी विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने की बात कही है. साथ ही तिवाड़ी ने खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की बात कह चुके हैं. इस संबंध में बेनीवाल भी संकेत दे चुके हैं. तिवाड़ी और बेनीवाल के एक साथ आने के बाद से तीसरे मोर्चे की संभावना को काफी बल मिला है. दोनों नेताओं के एक साथ चुनाव मैदान में उतरने की बात सामने आने के बाद से भाजपा-कांग्रेस के भीतर हलचल बढ़ गई है. राजनीति के जानकारों का कहना है कि बेनीवाल और तिवाड़ी के एक साथ चुनाव लड़ने पर कई सीटों पर इसका असर पड़ सकता है.  वहीं, तिवाड़ी की नजर चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर बागी होने वाले नेताओं पर भी टिकी है. माना जा रहा है कि  चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होने वाले नेता उनके साथ आ सकते हैं. जिसका फायदा पार्टी को कई  सीटों पर मिल सकता है.