भाजपा-कांग्रेस में टिकट नहीं पाने वाले दावेदारों को घनश्याम तिवाड़ी का साथ, लड़ाएंगे अपनी पार्टी से चुनाव

दरअसल, कांग्रेस-भाजपा दोनों ही पार्टियां टिकट वितरण के बाद बागियों की आशंका से डरी हुई है. क्योंकि टिकट ना मिलने से नाराज दोनों ही पार्टी के प्रत्याशी बागी होकर विधानसभा चुनाव में ताल ठोक सकते है. ऐसे में भारत वाहिनी पार्टी इस तरह से बागियों को अपनी पार्टी से टिकट देकर दोनों ही दलों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. जिसके संकेत देते हुए भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने साफ कर दिया है कि वो प्रमुख दलों के टिकट से वंचित ईमानदार कार्यकर्ताओं का साथ देने को तैयार है. भारत वाहिनी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने कहा है कि वह बड़ी पार्टियों की लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस में चार-पांच अधिकारी बैठे है जो ये तय कर रहे है कि किसको टिकट देना है और किसको नहीं. इससे राजनीतिक अराजकता का माहौल बन गया है. पैसे, संसाधन और सिफारिश वालों को ही टिकट मिल रहा है. जिसमें निष्ठावान और ईमानदार कार्यकर्ता पीछे रह जाएंगे. जिनपर हमारा ध्यान है. भारत वाहिनी पार्टी उनका साथ देगी.
2013 में बागियों का किरोड़ी मीणा ने दिया था साथ 
आपको बता दें कि इससे पहले विधानसभा चुनाव 2013 में भी जब किरोड़ीलाल मीणा अपने समर्थकों के साथ राजपा में शामिल हो गए थे. इसके बाद बड़ी पार्टियों में टिकट वितरण में असंतोष का फायदा उन्होंने उठाया और बागियों को राजपा से चुनाव लड़वा दिया. जिसके बाद कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के राजनीतिक समीकरण गड़बड़ा गए थे.

2013 में ये वो प्रत्याशी हो बागी होकर राजपा में गए
भाजपा से बगी होकर आमेर से नवीन पिलानिया जीते. वहीं पीपल्दा से कांग्रेस से बगावत कर रामगोपाल राजपा में शामिल हुए. वहीं बांदीकुई से शैलेंद्र जोशी तो खानपुर से भाजपा से बागी होकर अनिल जैन ने चुनाव लड़ा.

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