कौन किसको देगा पटखनी – शेखावाटी के राजनीतिक अखाड़े में हनुमान और राहुल की कुश्ती

जोधपुर: राजस्थान के शेखावाटी में दो राजनीतिक नेताओं ने उतरने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल, शेखावाटी के सीकर में राहुल गांधी की जनसभा होनी है, ठीक राहुल गांधी की सभा के दुसरे दिन हनुमान बेनीवाल का भी शेखावाटी दौरा है. दोनों नेता युवाओं और किसानों को साधने में लगे हुए हैं. 25 और 26 अक्टूबर को शेखावाटी की राजनीति में हलचल पैदा होने वाली है. इस दिनों में राहुल और बेनीवाल आमने-सामने होंगे. दरअसल हनुमान बेनीवाल ने राहुल गांधी की सभा को देखते हुए अपना प्लान बदल लिया है. बता दे कि हनुमान बैनीवाल की भी सभा 25 को होनी थी. 25 अक्टूबर को राहुल गांधी की सीकर में जनसभा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सीकर में होने वाली सभा को देखते हुए हनुमान बेनीवाल ने अपने सीकर दौरे में बदलाव कर दिया है. तय कार्यक्रम के अनुसार इसी दिन हनुमान बेनीवाल का शेखावाटी में दौरा होना था. खींवसर से निर्दलीय विधायक, हनुमान बेनीवाल अपनी जयपुर में होने वाली हुंकार रैली के लिए यहां आने वाले थे और कार्यकर्ताओं ने कई जगह बैठक रखी थी. गुरुवार रात को अचानक हनुमान बेनीवाल के कार्यक्रम में परिवर्तन कर दिया गया. हनुमान अब 25 की जगह 26 अक्टूबर को शेखावाटी के दौरे पर रहेंगे. उनके कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है. हनुमान गंगानगर से सीधे झुंझुनूं पहुंचेंगे. वहां तीन जगह स्वागत का कार्यक्रम है और कार्यकर्ताओं की मीटिंग रखी गई है. वहीं नवरात्र बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एकबार फिर से राजस्थान के दौरे पर हैं. इस बार राहुल गांधी वसुंधरा राजे के गढ़ हाड़ौती और शेखावटी में 24 और 25 नवंबर को रहेंगे. इस दौरान राहुल गांधी 24 नवंबर को वसुंधरा राजे के चुनाव क्षेत्र झालावाड़ में सभा करेंगे और कोटा व बूंदी में रोड शो करेंगे. इसके बाद 25 नवंबर को राहुल गांधी सीकर में सभा करेंगे. इससे पहले राहुल गांधी राजस्थान के सभी संभागों का दौरा कर चुके हैं. राहुल के इस दौरे में इस बार खास मेहमान मानवेंद्र सिंह होंगे. कांग्रेस मानवेंद्र को प्राइज कैच की तरह पेश करना चाहती है. मानवेंद्र के करीबियों ने बताया कि राहुल गांधी ने उनको (मानवेंद्र) कहा कि दौरे पर साथ चलेंगे. गौरतलब है कि शेखावटी और हाड़ौती में राजपूत वोटों की संख्या अच्छी खासी है, जो बीजेपी के परंपरागत वोटर रहे हैं. शेखावटी का मिजाज चुनाव में अलग ही रहता है. झूंझनू, सीकर और चुरु जिलों में बीएसपी दो से तीन सीटें जीतती आ रही है, जबकि तीन सीटों पर दूसरे और तीसरे स्थान पर रहती है. इसी तरह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का वजूद इसी इलाके में अब भी बचा है. माकपा यहां एक-दो सीटें जीतती है और कई सीटों पर तीसरे स्थान पर रहती है. इसी तरह से दो निर्दलीय भी यहां से जीतते रहते हैं. इस बार कांग्रेस की कोशिश है कि किसी तरह से बिखरे वोटों को समेटा जाए. इस शेखावटी इलाके में जाट, राजपूत, मुस्लिम और अनुसूचित जाति के वोटों की संख्या काफी है. वहीं, हाड़ौती में इस बार कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था. कहा जा रहा है कि कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले में कांग्रेस इस बार मजबूती के साथ कमबैक कर सकती है. माना जा रहा है कि राहुल गांधी के दौरे के बाद 26 नवंबर को कांग्रेस की 80 उम्मीदवारों की पहली सूची आ सकती है. हनुमान बेनीवाल टीम के सदस्य राजेश खाकल ने बताया कि 25 को सीकर में राहुल गांधी की सभा होनी है और अगले दिन हनुमान बेनीवाल सीकर आएंगे. खाकल ने बताया कि हनुमान बेनीवाल और उनकी टीम की नजर इस बात पर रहेगी कि राहुल गांधी सीकर में क्या घोषणा करते हैं. इसी की वजह से हनुमान के दौरे में बदलाव किया गया है. राहुल गांधी के बयानों के आधार पर ही हनुमान बेनीवाल कांग्रेस को घेरेंगे. बेनीवाल और राहुल गांधी का दौरा शेखावाटी में एक युवक को टारगेट करने पर ज्यादा फोकस करेगा. इस वजह से हनुमान बेनीवाल राहुल के बाद में आकर कांग्रेस को घेरेंगे. शेखावाटी में जाट वोट बैंक सबसे बड़ा है और हमेशा वोट बैंक कांग्रेस के साथ ज्यादा रहा है. जाहिर है राहुल की सभा में इस बड़े वोट बैंक को साधने में कांग्रेस पीछे नहीं रहेगी। उधर, हनुमान बेनीवाल जाट युवाओं के दम पर इलाके में ताल ठोक रहे हैं. बेनीवाल के साथ जाट समाज की तेजा सेना और युवा जाट महासभा सहित कई संगठनों का साथ हैं. हनुमान बेनीवाल जहां प्रदेश में तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं, तो कांग्रेस सत्ता वापसी का मांग खोज़ रही है. शेखावाटी से दोनों को बड़ी आस है. ऐसे में देखना होगा कि वोटरों को लुभाने में कौन बाजी मारता है.