हॉट सीट बनी जैसलमेर और पोकरण, इस वजह से भाजपा ने पहली लिस्ट में नहीं खोले पत्ते

बाजारों में देर रात तक मंथन चलता रहा कि भाजपा की लंबी सूची के बावजूद जिले की दोनों विधानसभाओं जैसलमेर और पोकरण में आखिरकार भाजपा प्रत्याशी क्यों नहीं उतार पाई. फिलहाल दोनों विधानसभाओं में भाजपा विधायक होने के बावजूद कोई घोषणा नहीं हो पाई. भारतीय जनता पार्टी ने पहली सूचि में अपने वर्तमान विधायकों पर ही अधिकतर दांव खेला है. ऐसे में जिले की दोनों विधानसभाओं में उम्मीदवारों की घोषणा नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है. आमजन का तर्क है कि शायद नए चेहरों को मौका देने के कारण भाजपा पहली सूची में प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई है. ऐेसे में अब जैसलमेर और पोकरण दोनों विधानसभा सीटें हॉट बन चुकी है.

जैसलमेर में भाजपा के पास दावेदारों की लंबी सूची
जैसलमेर विधानसभा से लगातार दो मरतबा जीत दर्ज कर चुके वर्तमान विधायक छोटूसिंह भाटी को प्रबल दावेदार माना जा रहा है. हालांकि विधायक के प्रति नाराजगी को लेकर चर्चाएं उनकी हैट्रिक पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है. जैसलमेर विधानसभा में किसान नेता और पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी भी प्रबल दावेदार हैं. विधानसभा चुनाव 2003 में करीब तीस हजार मतों से जीतने वाले सांगसिंह भाटी लगातार आमजन के मध्य में सक्रिय रहे हैं. वहीं युवा नेता विक्रमसिंह, सुजानसिंह, जालमसिंह रावलोत में टिकट की दौड़ में बने हुए हैं.
पोकरण में भी भाजपा में घमासान
परमाणु नगरी के नाम से विश्विख्यात पोकरण की धरा पर भी भाजपा में घमासान नजर आ रहा है. वर्तमान विधायक शैतानसिंह राठौड़ ने गत चुनावों में 35 हजार मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. बावजूद इसके पहली लिस्ट में उनका नाम नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है. पोकरण विधानसभा में यूं तो एक दर्जन दावेदार हैं लेकिन केंद्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत और तारातारा मठ के महंत प्रतापपुरी महाराज का नाम भी सुर्खियों में है.