दो बार हारे हुए नेताओं को नहीं मिलेगा टिकट….दिल्ली में हुआ तय

नई दिल्ली . चुनावी समर में उतरी कांग्रेस के प्रत्याशियों के चयन को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की मैराथन बैठक दूसरे दिन पांडुचेरी भवन में हुई. कमेटी की बैठक के दौरान टिकट को लेकर तय किए गए मापदंडों ने दो बार हारे हुए दावेदारों की नींद उड़ा दी है. कमेटी की बैठक में एक सीट से दो बार हार चुके नेताओं को टिकट नहीं देने को लेकर निर्णय किया गया है. हालांकि, अपवाद स्वरूप कुछ केसों पर पार्टी सॉफ्ट कॉर्नर भी अपना सकती है.
स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ सचिन पायलट सहित कई नेताओं की मौजूदगी में इस बैठक में प्रत्याशियों के नामों की छंटनी के साथ ही उनके पैनल को लेकर मंथन किया गया . बैठक में टिकट के मापदंडों पर भी चर्चा की गई. बैठक में कमेटी ने एक सीट से दो बार हार चुके नेताओं को फिर से टिकट नहीं देने का निर्णय किया है. कमेटी के इस निर्णय के बाद से अंदरखाने खलबली मच गई है. दरअसल, इस पैमाने के दायरे में पार्टी में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ नेता चंद्रभान सिंह, बीडी कल्ला सहित करीब डेढ़ दर्जन नेता आ रहे हैं. जिनकी टिकट पर तलवार लटकता दिखाई दे रहा है. आपको बता दें कि दो बार हार चुके नेताओं में से कई पायलट और गहलोत खेमे से संबंधित हैं. वहीं, पार्टी के बैठक के दौरान दागी नेताओं के टिकट को लेकर भी कमेटी केस की जांच करने के बाद अंतिम निर्णय करेगी. बैठक से बाहर आए राजस्थान प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कमेटी की बैठक में  जिताऊ प्रत्याशियों पर मंथन किया गया है. जिसमें युवा चेहरों के साथ ही अनुभवी और महिलाओं को भी रखा गया है. पार्टी के जानकारों का कहना है कि एक सीट से दो बार चुनाव हार चुके नेताओं को टिकट नहीं देने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने निर्देश दिए थे. उसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में निर्णय किया गया कि एक ही सीट से दो बार चुनाव हार चुके, नेताओं को दोबारा टिकट नहीं दिया जाए. इसके पीछे तर्क यह रखा गया है कि दो बार लगातार हारने का मतलब है कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता अब पहले जैसी नहीं है. बताया जा रहा है कि पार्टी अपवाद स्वरूप कुछ केसों के मामले में सॉफ्ट कॉर्नर अपना सकती है.
175 सीटों पर बनाया 3-3 का पैनल
गौरतलब है कि पार्टी की दो दिन से चल रही बैठकों के बीच 200 सीटों में से 175 सीटों पर 3-3 प्रत्याशियों के पैनल को तैयार किए गए हैं. जिसमें से 50 सीटों पर मौजूदा विधायकों के साथ ही पार्टी के बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि बुधवार को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के दौरान पहली सूची में करीब 70 नामों को रखा जाएगा. इन नामों पर हाईकमान की हरी झंडी मिल गई तो पहली लिस्ट को जारी कर दिया जाएगा.
इन नेताओं के टिकट पर आ सकता है संकट

स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से दो बार चुनाव हार चुके नेताओं को टिकट नहीं देने के निर्णय के बाद इस दायरे में सिरोही से संयम लोढ़ा, मालपुरा से डॉ चंद्रभान, बीकानेर पश्चिम से बीडी कल्ला, रामगढ़ से जुबेर खान, विद्याधरनगर  से विक्रम सिंह शेखावत आ रहे हैं. वहीं, इस  दायरे अश्क अली टाक, रेवदर से नीरज डांगी, मारवाड़ जंक्शन से खुशवीर सिंह जोजावर, पाली शहर से भीमराज भाटी, शेरगढ़ से उमेद सिंह राठौड़, तारानगर से चंद्रशेखर बैद, नवलगढ़ से प्रतिभा सिंह, विराट नगर से रामचंद्र सराधना, शाहपुरा से आलोक बेनीवाल, किशनगढ़ बास से दीपचंद खैरिया, अलवर शहर से नरेंद्र शर्मा, कठूमर ग्रामीण से रमेश खींची, नदबई से गिरीश चौधरी, अजमेर उत्तर से गोपाल बहती, डेगाना से रिछपाल मिर्धा, राजसमंद से हरि सिंह राठौड़, बूंदी से ममता शर्मा, लाडपुरा से नईमुद्दीन गुड्डू भी आ रहे हैं.

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