मानवेन्द्र का मोदी पर बड़ा हमला- ‘पर्रिकर को बीमारी राफेल से’

नई दिल्ली . दशकों तक भाजपा की छांव में राजनीति करते हुए शीर्ष पर पहुंचे पूर्व विदेशमंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने कांग्रेस का दामन थामने के साथ ही मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है. कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मानवेंद्र ने राफेल को लेकर बयान देते हुए कहा कि मनोहर पार्रीकर को जो बीमारी लगी है वह राफेल की फाइल से निकली हुई है. उनके इस बयान के बाद से देश की राजनीति गर्मा गई है. साथ ही कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राफेल पर कांग्रेस शुरू से मोदी सरकार पर हमलावर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष खुद इस मामले में मोर्चा संभाले हुए हैं. वहीं, पार्टी के अन्य नेता भी हर बयान में मोदी सरकार पर राफेल डील में घोटाला करने का आरोप  लगा रहे हैं. इस बीच राजस्थान के चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस में शामिल होने वाले मानवेंद्र ने पहला हमला बोला है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मनोहर पार्रिकर काफी सज्जन व्यक्ति हैं, मैं उनकी काफी इज्जत करता हूं. लेकिन, उनको जो बीमारी लगी है वह राफेल की फाइल से निकली हुई है. मानवेंद्र के इस बयान के बाद से देश की राजनीति में हलचल शुरू हो गई है. वहीं, मानवेंद्र ने खास बातचीत के दौरान इस सवाल पर बोलते हुए कहा कि मैं इस मामले में विस्तार से कह सकता तो पहले ही कह देता. मैं कोई डॉक्टर नहीं हूं. उन्होंने कहा कि मैं ऐसे सज्जन व्यक्ति का आदर करता हूं और करता रहूंगा. लेकिन, वे अचानक बीमार हुए और जिस प्रकार से बीमारी लगी है. उसके बाद में मेरी आत्मा तो यही कहती है. उन्होंने कहा कि अपने भारत में कहते हैं ना कि  अंदर से कोई टीस है, इसलिए ऐसी बीमारी आई है, और क्या हो सकता है, मेरे मन में तो यही बात आती है. ये भी हो सकता है कि ये मेरा भ्रम हो मैं कोई डॉक्टर नहीं हूं. आपको बता दें कि राफेल को लेकर फ्रांस के साथ मोदी सरकार की डील के दौरान रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर थे.
फिलहाल पार्रिकर बीमारी से जूझ रहे हैं. गौरतलब है कि भाजपा से लंबे समय से नाराज रहने के बाद मानवेंद्र ने भाजपा को अलविदा कह दिया है. उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा है. मानवेंद्र के कांग्रेस में आने के बाद से राजस्थान की राजनीति में बनने वाले नए समीकरण पर सभी की नजरें टिक गई हैं.  वहीं, यह भी माना जा रहा है कि मानवेंद्र के कांग्रेस में जाने के बाद भाजपा से जुड़ा राजपूत वोट भी खिसक सकता है. जिसके बाद भाजपा की चुनावी राह और मुश्किलभरी हो सकती है.