घूंघट की ओट से चित्रा ने बोला हमला, कहा- 2014 से जारी युद्ध खत्म करने का आ गया वक्त

बाड़मेर। विधानसभा चुनाव के रण में भाजपा-कांग्रेस के बीच जहां घमासान जारी है। वहीं, रेतीली धोरों से उठ रही सियासी गर्माहट के बीच शिव विधायक मानवेंद्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह ने घूंघट की ओट से वसुंधरा सरकार सियासी हमला बोला है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए कहा कि 2014 में जो युद्ध शुरू हुआ था  उसे अब खत्म करने की बारी आ गई है। एक कार्यक्रम के दौरान चित्रा सिंह ने कहा कि जो सरकार हमारे स्वाभिमान की रक्षा नहीं कर सकती, उसे उखाड़ फेंको। उन्होंने पूर्व विदेशमंत्री और राजपूत समाज के कद्दावर नेता जसवंत सिंह का जिक्र किया। साथ ही कहा कि जिन्होंने पार्टी को स्थापित करने में अपना पूरा जीवन लगा दिया। उस व्यक्ति के साथ इन लोगों ने क्या किया, उसे बाड़मेर की जनता आज तक भूल नहीं पाई है। उनके टिकट को इस सरकार ने 2014 में काट दिया था। तभी से ये लड़ाई चल रही है। लेकिन, अब इसे खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राजस्थान में गौरव यात्रा निकाल रही हैं। लेकिन, ये समझ से परे है कि आखिर गौरव किस बात का है। उन्होंने सवाल किया कि इससे पहले सुराज संकल्प यात्रा निकाली गई थी, लेकिन, क्या सुराज मिला है। गौरव यात्रा का विरोध करने वाले युवाओं को पीटा जा रहा है। ये हमारे भविष्य के गौरव हैं। उन्होंने सभी से 22 सितम्बर को पचपदरा में होने वाली स्वाभिमान रैली में बढ़़चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि हमें मजबूत रहना है। हमे उसे चुनना है जो हमारे साथ, हमारे दुख-सुख में हमेशा खड़ा रह सके। ये मौका इस बार आया है, इसे हाथ से जाने मत दीजिए। वसुंधरा सरकार को गिराना है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में स्वाभिमान रैली होने जा रही है। इसके अंदर आप सभी अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। जिससे सरकार को यह पता लगे कि यहां के लोग स्वाभिमानी हैं। यहां लोगों के साथ अत्याचार होगा तो वे उसे सहेंगे नहीं बल्कि विरोध में खड़े होंगे। गौरतलब है कि शिव विधायक मानवेंद्र सिंह ने भाजपा से बगावती तेवर अपनाते हुए 22 सितम्बर को स्वाभिमान रैली करने का ऐलान किया है। वे इस रैली की तैयारी के लिए गांव-गांव ढाणी-ढाणी जनसम्पर्क में  जुटे हैं। वहीं मानवेंद्र के  रुख को देखने के बाद भाजपा की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, भाजपा से राजपूत समाज नाराज चल रहा है। इस बीच मानवेंद्र के किसी भी विपरीत राजनीतिक कदम से भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।