भाजपा MLA कैलाश भंसाली और सूर्यकांता व्यास का टिकट कटना तय

रणकपुर में फील्ड की रिपोर्ट, हाईकमान के सर्वे और प्रदेश संगठन ने रायशुमारी के बाद भाजपा विधायक कैलाश भंसाली और सूर्यकांता व्यास का टिकट कटना तय माना जा रहा है. 28 दिन बाद विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन शुरू हो जाएंगे. भाजपा ने रविवार को जोधपुर की विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के पैनल का काम पूरा कर लिया है. खास बात यह है कि पार्टी ने और कोई शर्त प्रत्याशी रखी हो या नहीं लेकिन उम्र की बाध्यता जरूर लागू होने जा रही है. इसके चलते 75 की उम्र से ऊपर के जोधपुर शहर विधायक कैलाश भंसाली और सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास के टिकट कटना लगभग तय हो गया है. रविवार को रणपुर में हुए मंथन में दोनों विधायक की ओर से दावेदारी समर्थकों द्वारा की गई, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि दोनों टिकट बदलना तय हो गया है. इसके अलावा जोधपुर जिले में भोपालगढ व बिलाडा विधानसभा में टिकट दावेदारों को देखते हुए भी पार्टी नए चेहरे तलाश सकती है. यह दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. वर्तमान में दो बार से भोपालगढ़ से कमसा मेघवाल विधायक है एवं अभी मंत्री भी है, लेकिन कमसा को इस बार किरण डांगी की दावेदारी चुनौती दे रही है. इसी तरह से बिलाड़ा विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्जुन लाल गर्ग के सामने भी दावेदारों की फौज खड़ी है। लूणी में जोगराम के सामने सबसे बड़ी दावेदारी पूर्व सांसद जसवंतसिंह विश्नोई की सामने आई है. विश्नोई अभी राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी है. जबकि शेरगढ़ से वर्तमान विधाायक बाबूसिंह राठौड़, लोहावट से गजेंद्र सिंह खिंवसर, ओसियां से संसदीय सचिव भैराराम सियोल और फलौदी से मौजूदा विधायक पब्बाराम विश्नोई को ही टिकट मिलना तय है.

सूरसागर से हेमंत घोष ही दावेदारी सामने आई
जोधपुर में छात्र राजनीति के चाणक्य के रूप में जाने वाले एबीवीपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हेमंत घोष का नाम सार्वजनिक तौर पर रविवार को रणकपुर में सामने आया है. पार्टी सूत्रों की माने तो घोष के नाम पर नेतृत्व सहमत है. लेकिन घोष ने स्वयं ने कभी खुद दावेदारी नहीं की है. रणकपुर में भी समर्थकों ने उनकी गैर मौजूदगी में तगड़ी दावेदारी रखी.
क्यों है घोष मजबूत दावेदार: नया चेहरा, एबीवीपी में लंबे समय से सक्रिय, शहर के युवाओं पर पकड़,एबीवीपी के माध्यम से भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक संपर्क में. सबसे खास संघ का समर्थन. सूरसागर विधानसभा क्षेत्र से महापौर घनश्याम ओझा, एबीवीपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे हेमंत घोष, पूर्व न्यासी कमेलश पुरोहित, जगत नारायण जोशी व वर्तमान शहर जिलाध्यक्ष देवेंद्र जोशी की दावेदारी सामने आई है. लेकिन रणकपुर में सबसे असरदार दावेदारी हेमंत घोष की रही है.
शहर से इस बार भतीजा हो सकता है उम्मीदवार
जोधपुर शहर विधायक कैलाश भंसाली की जगह उनके भतीजे अतुल भंसाली ही लंबे समय से सक्रिय हो चुके हैं. सभी कार्यक्रमों में अतुल भंसाली ही आगे रहते हैं. शहर जिला भाजपा की कमेटी वह उपाध्यक्ष भी है. शहर विधानसभा क्षेत्र में जैन समाज के वोट की बाहुल्यता को देखते हुए अतुल भंसाली की दावेदारी सबसे प्रबल है. कैलाश भंसाली के लगातार दो बार विधायक बनने का फायदा भी उन्हें मिल सकता है. अतुल भंसाली के अलावा कैलाश भंसाली (वर्तमान विधायक), देवेंद्र सालेचा, प्रसन्नचंद मेहता, राजेंद्र बोराणा, निर्मला कांकरिया, विनोद सिंघवी, शिवकुमार सोनी, जितेंद्र लोढ़ा के लिए समर्थकों ने दावेदारी की है.
क्यों है अतुल की दावेदारी प्रबल : अतुल भंसाली से लंबे समय से जिला संगठन के माध्यम से जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय है. अपने चाचा के कामों को हाथ में ले रखा है. मुंबई में व्यवसायी है. सीधे भाजपा केंद्रीय नेतृत्व में संपर्क है. इसके अलावा ओम माथुर का वरदहस्त माना जाता है, क्योंकि कैलाश भंसाली को भी ओम माथुर ने ही पहली बार टिकट दिलवाया था.
जेडीए अध्यक्ष की दावेदारी मजबूत
पूर्व मुख्यमंत्री की सीट सरदारपुरा से इस बार भी भाजपा राजपूत को ही मैदान में उतराने के पक्ष में नजर आ रही है. जिससे गहलोत को कड़ी टक्कर दी जा सकें. इस सीट पर सबसे मजबूत दावेदारी जेडीए अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ की सामने आई है. इसके अलावा बीज निगम बोर्ड के अध्यक्ष शंभूसिंह खेतासर, ब्रह्मसिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्रसिंह कच्छवाहा व पार्षद रणजीतसिंह निर्वाण की दावेदारी सामने आई है.
डॉ. महेंद्र सिंह क्यों है मजबूत दावेदार: डॉ. महेंद्र सिंह नया चेहरा है, जेडीए अध्यक्ष होने के नाते क्षेत्र में काम करवाया है. राजपूतों के सर्वाधिक वोट इस क्षेत्र में है. गहलोत विरोधी जाट भी इस बार उनका समर्थन कर सकते हैं. इसके अलावा जेएनवीयू में शिक्षक भी रहे हैं. जिसका फायदा युवाओं से मिल सकता है.