टोंक में पायलट का विरोध…वसुंधरा की यूनुस को उतारने की तैयारी

टोंक के मुस्लिम अल्पसंख्यक कहना है कि जिस सीट को वे अपनी मानकर चल रहे थे वह अब उनके हाथ से निकल गई है. इसी के चलते पायलट के खिलाफ नारेबाजी और पुतला दहन कर विरोध जताया जा रहा है. विरोध तो तभी शुरू हो गया था जब देर रात सचिन पायलट के नाम की टोंक से घोषणा हुई थी. उसी रात कुछ कोंग्रेसियो ने सचिन वापस जाओ के नारे लगाए थे. शुक्रवार को कुछ मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने घंटाघर पर सचिन का पुतला फूंका और अपना विरोध जताया. वहीं शनिवार को समाज के लोगों ने एक मीटिंग कर सचिन के टोंक से लड़ने का विरोध किया है. पायलट 19 तारीख को टोंक से अपना नामांकन दाखिल करेंगे और इसी दिन हो सकता है टोंक में एक दो बड़े अल्पसंख्यक चेहरे भी अपना नामांकन दाखिल करें. फिलहाल बैठकों का दौर जारी है जिसमे मुस्लिमो के लिए रिजर्व माने जाने वाली सीट पर कैसे विरोध हो इसकी रणनीति बन रही है.

यूनुस खान को लाने की तैयारी में वसुंधरा
टोंक में इंतजार इस बात का भी हो रहा है कि अब बीजेपी अपने घोषित उम्मीदवार अजीत मेहता को बदलकर किसी बड़े चेहरे को चुनाव लड़ा सकती है. इसमें मंत्री यूनुस खान का नाम सबसे आगे चल रहा है. भाजपा ने अब तक 162 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है. दो सूची जारी होने के बाद भी यूनुस के टिकट पर उलझा पेच नहीं सुलझने के कारण पार्टी के भीतर सियासत गरमाई हुई है. सियासी चर्चाओं के बीच खबर मिली है कि केंद्रीय नेतृत्व के सर्वे रिपोर्ट में यूनुस के खरा नहीं होने के कारण जहां टिकट नहीं देना चाहता. संघ भी यूनुस को इस बार टिकट देने को लेकर हरी झंडी नहीं दे रहा है. ऐसे में सूत्रों के मुताबिक वसुंधरा यूनुस के टिकट के लिए संघ और केंद्रीय नेतृत्व के सामने खड़ी हो चुकी हैं. अब कयास लगाए जा रहे हैं कि पहले विकल्प के तौर पर यूनुस को फतेहपुर विधानसभा सीट दूसरे विकल्प के रूप में टोंक सीट से उतारा जा सकता है.