पीएम मोदी और शाह का राजस्थान में दौरा फाइनल, 23 नवंबर से उठेगा बवंडर

जयपुर . चुनाव के मैदान में फतह हासिल करने के लिए भाजपा ने फुल-प्रूफ प्लान तैयार कर रही है. चुनावी रंगत चरम पर पहुंचने के साथ ही पार्टी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी के चाणक्य अमित शाह की दहाड़ प्रदेश में सुनाई देने लगेंगी. पार्टी ने विशेष रणनीति के तहत मोदी और शाह का दौरा राजस्थान में मतदान से पहले आखिर के 15 दिनों के भीतर रखा है.
15 दिनों के भीतर मोदी और शाह का बवंडर राज्य के 22 जिलों में पहुंचेगा. दोनों का दौरा 23 नवंबर से शुरू होकर 5 दिसंबर तक चलेगा. मोदी राजस्थान में 10 सभाएं करेंगे, जबकि, शाह 12 सभाएं करेंगे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि मोदी की सभाएं राजस्थान के उन हिस्सों में कराने का निर्णय किया गया है,  जहां स्थिति कमजोर बनी हुई है. इसी प्रकार अमित शाह भी विधानसभा स्तर तक सभाएं करते हुए पार्टी के  सामने खड़ी हुई चुनौतियों के बीच जीत की राह बनाएंगे. सूत्रों ने बताया कि इससे पहले पार्टी एमपी और छत्तीसगढ़ के चुनावी काम को निपटाएगी. ताकी अंतिम के एक पखवाड़ा तक प्रदेश से लेकर दिल्ली तक का पूरा फोकस राजस्थान पर बना रहे. पार्टी के उच्च सूत्रों का कहना है कि तैयार किए गए प्लान के मुताबिक मोदी और शाह  एक साथ मंच साझा नहीं  करेंगे. दोनों अलग-अलग जगह सभाएं करते हुए ज्यादा से ज्यादा सीटों को कवर करेंगे. जिससे पार्टी की जमीनी स्थिति को मजबूत किया जा सके.
पीएम मोदी उन सीटों को कवर करेंगे, जहां पार्टी की स्थिति ज्यादा दांवाडोल नजर आ रही है. इसी प्रकार शाह भी कमजोर सीटों पर सभाओं के साथ ही वहां रोड शो भी करेंगे. बताया जा रहा है कि भाजपा की तरफ से तैयार की गई योजना पर केंद्रीय नेतृत्व की सहमति भी मिल गई है. वहीं, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को शीर्ष नेतृत्व ने अधिक से अधिक चुनावी सभाएं करने को कहा है. इस बार वसुंधरा को करीब 100 सभाएं करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने सुझाव दिया है. वहीं,   इस बार पीएम मोदी की रैली  पिछली बार के चुनावों की तुलना में कम होगी. पिछली बार चुनाव में मोदी ने 21 रैलियां की थी, जबकि, इस बार ये संख्या आधी है. लेकिन, इसके बाद भी मोदी और शाह की सभाओं को लेकर प्रदेश नेता उत्साहित हैं.
आपको बता दें कि राजस्थान में सत्ता को बरकरार रखना भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. राज्य सरकार के खिलाफ एंटी इंकंबेसी बनी हुई है.  पार्टी की तरफ से कराए गए सर्वे और लिए गए फीडबैक के दौरान अधिकतर सीटों पर लोगों की नाराजगी सामने आई है. वहीं, मौजूदा विधायकों के खिलाफ कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी बनी हुई है. ऊपर से सीएम वसुंधरा राजे की कार्यशैली को लेकर नकारात्मक माहौल बना हुआ है. उधर, कांग्रेस भी लगातार आक्रमक अंदाज में हमले किए जा रही है.
पीएम मोदी यहां की कमान संभालेंगे

पार्टी सूत्रों  का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी प्रदेश में हनुमानगढ़, सीकर, नागौर, अलवर, जयपुर, दौसा, भीलवाड़ा कोटा आदि स्थानों पर सभा कर सकते हैं. उनकी रैलियां 23 नवंबर से शुरू होंगी. इसके तहत किसी दिन एक और किसी दिन 2 से 3 रैलियां हो सकती हैं. पार्टी स्तर आंतरिक तैयारियों का दौर शुरू हो चुका है. आपको बता दें कि मोदी जिन स्थानों पर रैलियां करेंगे, वहां पार्टी के लिए कांग्रेस के साथ ही तीसरे मोर्चे के तौर पर खड़े हो रहे दल भी धीरे-धीरे चुनौती पैश करते जा रहे हैं.
शाह की सभा का यह है प्लान
सूत्रों ने बताया कि पार्टी के चाणक्य शाह फलोदी, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, डूंगरपुर, डीग-कुम्हेर, करौली, सवाईमाधोपर,  नवलगढ़, सुजानगढ़ कई अन्य स्थानों पर चुनावी सभाएं कर सकते हैं. इस सभा के दौरान शाह विरोधियों पर गरजने के साथ ही पार्टी की राह को आसान बनाएंगे. इनमें से बाड़मेर की सभा रौचक रह सकती है. सूत्रों ने बताया कि शाह अपनी सभा के साथ ही संबंधित सीटों की जमीनी स्थिति को समझते हुए आवश्यक रणनीति भी बनाएंगे.

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