राजस्थान में टिकट को लेकर फेल हुआ राहुल गांधी का फॉर्मूला

जयपुर। साल के अंत में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के जरिये संभावित प्रत्याशियों की सूची मांगने का फॉर्मूला फेल हो गया। यह फॉर्मूला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का था। दरअसल, राजस्थान दौरे के दौरान राहुल गांधी यह कहते रहे हैं कि पैराशूट से आने वालों को टिकट नहीं मिलेगा। कार्यकर्ताओं की राय से टिकट दिए जाएंगे, मगर ऐसा होता नहीं दिख रहा है। राहुल गांधी की कार्यकर्ताओं की राय से टिकट तय करने की मंशा के अनुरूप ही जिला में पर्यवेक्षक और संभागीय मुख्यालयों पर कांग्रेस के चार राष्ट्रीय सचिवों को भेजा गया था। चारों राष्ट्रीय सचिवों और जिलो में गए पर्यवेक्षकों ने जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक लेकर अध्यक्षों से कार्यकर्ताओं की सलाह लेकर संभावित उम्मीदवारों के पैनल तैयार करने के लिए कहा। लेकिन, 40 फीसद से अधिक जिला और ब्लॉक अध्यक्षों ने सूची में सबसे ऊपर अपना ही नाम भेज दिया । कई अध्यक्षों ने तो मात्र अपना ही नाम भेजा है। पार्टी के स्तर पर जैसे ही पैनल का विश्लेषण किया गया तो केंद्रीय नेता भी चौंक गए। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने इन पैनलों को देखा तो फिर नए सिरे से संभावित उम्मीदवारों की सूची बनवाई गई। पायलट चाहते हैं कि इस बार टिकट ऐसे लोगों को मिले जो आम लोगों के बीच रहकर कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करता हो, जिसने पार्टी के बुरे वक्त में सत्तारूढ़ दल भाजपा के खिलाफ आंदोलनों में भूमिका निभाई हो। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए छह माह पहले 400 नए ब्लॉक अध्यक्ष बनाए थे। ब्लॉक अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उन्हें प्रत्याशियों का पैनल भेजने का मौका मिला था। इनमें से 40 फीसद ब्लॉक अध्यक्षों ने पैनल में खुद का नाम भेज दिया। इसके अलावा किसी ने जिलाध्यक्ष को तो किसी ने संगठन के दूसरे पदाधिकारियों के नाम सह प्रभारियों को भिजवा दिए। इसी तरह 39 जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों ने भी संभावित पैनल में अपने नाम भेज दिए। अब पांडे और पायलट अपने स्तर पर संभावित नामों की सूची तैयार कर रहे हैं। इसके बाद प्रदेश चुनाव कमेटी या इलेक्शन स्क्री¨नग कमेटी के पास सूची भेजी जाएगी।
चुनाव कमेटी का गठन बाकी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की अध्यक्षता में प्रदेश चुनाव कमेटी का गठन होगा। हर बार प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में ही यह कमेटी गठित होती है। इस कमेटी के सुझाव से ही स्क्री¨नग कमेटी प्रत्याशियों के नाम फाइनल करती है और चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिए जाते हैं।
प्रत्येक सीट पर नजर रख रहे पायलट और पांडे
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट राज्य की सभी 200 विधानसभा सीटों पर खुद नजर रख रहे हैं। दोनों नेता खुद देख रहे हैं कि किस सीट पर क्या जातिगत समीकरण रहेंगे और भाजपा के संभावित उम्मीदवार के मुकाबले कांग्रेस को चुनाव जीतने के लिए क्या करना होगा। पहली बार कांग्रेस ने प्रदेश को चार जोन में बांटा है। इन चारों जोन का प्रभारी कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिवों को बनाया गया है, जिनकी ओर से हर एक सीट पर नजर रखी जा रही है ।