कांग्रेस में इस बार महिलाओं को ज्यादा टिकट मिलेंगे, राहुल ने दे दिए साफ इन्स्ट्रक्शन्स

जयपुर। विधानसभा चुनाव के मैदान में मुद्दों को लेकर सियासी गर्माहट जारी है तो जुबानी हमले भी बराबर हो रहे हैं. लेकिन, इन सबके बीच कांग्रेस ने इस बार चुनाव मैदान में महिला प्रत्याशियों को ज्यादा मौका देने का मन बना लिया है. इसके निर्देश भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दे दिए हैं. पार्टी के चुनावी कमान को संभाले राहुल दो दिन पहले डूंगरपुर के सागवाड़ा से जब सियासी निशाना लगा रहे थे. तभी उन्होंने स्टेज पर महिलाओं की ज्यादा संख्या नहीं होने पर नाराजगी जताई. लगे हाथ  राजस्थान प्रभारी अविनाश पाण्डे को चेताते हुए कह भी दिया कि प्रत्याशियों की लिस्ट में महिलाओं के नाम नहीं हुए तो उसे अप्रूव नहीं करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि  सामने जो महिलाएं बैठी हैं उन्हें मंच पर लाओ और नेता बनाओ. क्योंकि, देश को चलाने वाली यही हैं. मंच पर भाषण के बीच राहुल गांधी के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस इस बार राजस्थान के चुनाव मैदान में महिला प्रत्याशियों को आगे रखेगी. कांग्रेस की इस रणनीति से टिकट की कतार में लगी महिला दावेदारों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई है. क्योंकि, टिकट को लेकर हर सीट पर जो मारामारी की स्थिति बनी है. उसके बीच ये उन्हें राहत पहुंचने वाली खबर है. वहीं, पार्टी स्तर पर भी राहुल के निर्देश को अमल में लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. इस बीच  राजनीति के जानकारों का कहना है कि राहुल ने महिलाओं पर मंच से बात करते हुए महिला मतदाताओं को रिझाने का काम किया है. साथ ही यह भी बताने की कोशिश की है कि कांग्रेस ही महिला हितों की रक्षा करने वाली पार्टी है.
कांग्रेस ने चार चुनाव में इतने महिलाओं को दिया टिकट
राजस्थान की राजनीतिक जमीन पर महिलाएं 1952 में हुए पहले चुनाव से ही खड़ी हो रही हैं. लेकिन, पहले चुनाव के मैदान में उतरी चार महिलाओं में से किसी को भी जीत हासिल नहीं हुई थी. इसके बाद दुसरे विधानसभा चुनाव में 21 में से 9 महिलाएं विधायक बनने में सफल हुई. प्रदेश में राजनीति की दुनिया में महिलाओं का संघर्ष तभी से जारी है. हर चुनाव में टिकट की कतार में लगने वाली महिला प्रत्याशियों का प्रतिनिधित्व 2003 से लगातार बढ़ रहा है. कांग्रेस के पिछले चार चुनाव के हिसाब-किताब को देखें तो पार्टी ने चार चुनाव में 79 महिलाओं को टिकट दिए हैं. इनमें से 28 ने जीत दर्ज की है. जानकारी के मुताबिक वर्ष 1998 में कांग्रेस ने 16 महिला प्रत्याशीयो को चुनावी मैदान में उतारा था. इनमें से 13 महिलाओं ने जीत हासिल की थी. इसी प्रकार 2003 में  भी कांग्रेस  ने 16 महिला प्रत्याशीयों पर दांव लगाया. लेकिन केवल 1 ही जीत सकी. 2008 में कांग्रेस ने 28 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया था, जिनमें से 13 ने जीत दर्ज की. जबकि, 2013 में कांग्रेस ने 24 महिला प्रत्याशीयों पर दांव लगाया, जिनमे से मात्र एक ही महिला प्रत्याशी जीतकर विधानसभा में पहुंच सकी है.