राजपूतों ने दी सीधी चेतावनी, कहा- बात नहीं मानी तो उठाएंगे ये कदम, भाजपा की बढ़ सकती है मुश्किल

जयपुर. विधानसभा चुनाव के मैदान में जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी दंगल जारी है. वहीं, राजपूतों ने कड़े तेवर अपनाते हुए सरकार को सीधी चेतावनी दे दी है. राजपूत आरक्षण मंच ने ओबीसी में आरक्षण की मांग पर शीघ्र फैसला नहीं होने पर सत्ताधारी दल के विधायकों और सांसदों के बहिष्कार करने की बात कही है. राजपूतों के तेवर के चलते भाजपा की चुनावी राह में मुश्किलें बढ़ सकती है. मंच  की ओर से जयपुर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि आरक्षण की मांग पर 25 सितंबर तक कार्रवाई नहीं होने पर नेताओं का बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा. मंच के प्रदेशाध्यक्ष सम्पत सिंह शेखावत ने कहा कि ओबीसी के मापदंड के आधार पर सर्वे कराने के लिए ओबीसी कमीशन को पत्र लिखने की मांग की है. आपको बता दें कि राजपूत समाज को भाजपा का भरोसेमंद वोटर माना जाता है. लेकिन, इस बार राजपूत समाज कई मुद्दों को लेकर भाजपा से नाराज चल रह है.
इस नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार की ओर से किए गए अब तक के प्रयास सफल नहीं हो पाए हैं. भाजपा पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए समाज के नेता पूर्व में कार्यक्रम करते हुए चुनाव मैदान में समाज का प्रत्याशी उतारने की बात भी कर चुके हैं. वहीं, बाड़मेर के शिव विधायक मानवेंद्र सिंह की ओर से भी बगावती तेवर अपनाने के कारण पार्टी की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं. हालांकि, चुनाव से पहले राजपूत समाज को अपने साथ करने के लिए पार्टी नेता प्रयास कर रहे हैं. इसके लिए अब राजपूत समाज से आने वाले पार्टी नेताओं को आगे किया गया है.

 

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