शाह की संघ और प्रदेश भाजपा को दो टूक, कहा- चुनाव तक एक होना ही होगा

जयपुर। राजस्थान में ढाई माह बाद होन वाले विधान सभा चुनाव की बिसात बिछाने मंगलवार को जयपुर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने भाषणों में संघ ओर भाजपा को एकजुटता का दो टूक संदेश दिया। शाह ने स्पष्ठ तौर पर कहा कि कितने ही मतभेद हों या नहीं हो लेकिन विधान सभा चुनाव तक संघ और भाजपा को एक होकर भाजपा विधायक को नहीं बल्कि कमल के फूल को जिताना है। वहीं शाह ने मंडल से लेकर शहरी जन प्रतिनिधियों को विधान सभा चुनाव के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों का टास्क भी दे दिया। प्रदेश भाजपा के सूत्रों की माने तो प्रदेश में बीते साढे चार साल से ज्यादा समय से संघ और भाजपा के रिश्ते ज्यादा ठीक नहीं थे और काफी दूरियां बन चुकी थी। जिसका खामियाजा तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में देखने को मिला। शाह ने संघ पदाधिकारियों से मुलाकात कर संघ पदाधिकारियों की नाराजगी को भी दूर करने का प्रयास किया वहीं पार्टी से विधान सभा चुनाव तक बेहतर तालमेल रखने का संदेश भी दिया।
18 के साथ 19 की तैयारियों का भी संदेश
शाह ने अपने चारों कार्यक्रमों में कार्यकतार्ओं के समक्ष विधान सभा चुनाव के साथ 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी मेहतन करने के लिए कार्यकतार्ओं और जनप्रतिनिधियों को संदेश दिया। शाह ने अपने भाषणों में कार्यकतार्ओं से बार बार कहा कि हमे 2019 के चुनाव में भी जुटना है क्योंकि हमे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना है।
मंत्री और विधायक ही नहीं जिताते चुनाव
शाह ने सहाकारिता जन प्रतिनिध और शहरी जन प्रतिनिधि सम्मेलन बुला कर यह भी संदेश देने की कोशिश की कि केवल मंत्री और विधायक चुनाव में जीत नहीं दिलवाते। चुनाव चाहे लोकसभा का हो या फिर विधान सभा का शहरी जनप्रतिनिधि और पार्टी के प्रकोष्ठ व विभागों के प्रतिनिधि भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शाह ने पहचानी नब्ज
भाजपा सूत्रों की माने तो शक्ति केन्द्र, सहकारिता जनप्रतिनिधि जैसे सम्मेलन बुला कर शाह ने जमीनी कार्यकतार्ओं की नब्त टटोलने की भी कोशिश की। क्योंकि जमीनी स्तर पर बूथ और मंडल कार्यकर्ता ही मेहनत करते है। जबकि पार्टी की ओर से इनके सम्मेलन कभी कभार ही बुलाए जाते हैं जिससे ये खुद को दरकिनार और उपेक्षित समझते हैं।