ठंडे बस्ते में गया कांग्रेस का टैलेंट हंट प्रोग्राम

विधानसभा चुनाव में सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों की डिबेट में भाजपा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने एक योजना बनाई थी जिसे टैलेंट हंट प्रोग्राम नाम दिया गया था।

भाजपा से चुनाव में मुकाबला करने के लिए शुरू किया था कार्यक्रम, नहीं चढ़ पाया सिरे, आवेदन लेने के बाद प्रकिया हुई निष्क्रिय
जोधपुर। कुछ माह बाद होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबला करने के लिए शुरू किया गया कांग्रेस का टैलेंट हंट प्रोगाम ठंडे बस्ते में चला गया है। करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी एआईसीसी की ओर से इस मामले में रूचि नहीं दिखाई जा रही है।
दरअसल इस साल के आखिर में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों की डिबेट में भाजपा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने एक योजना बनाई थी जिसे टैलेंट हंट प्रोग्राम नाम दिया गया था। इसमें   प्रखर वक्ता-प्रवक्ताओं की पूरी टीम तैयार करने के लिए इस साल के शुरुआत जनवरी में कुछ दिन जोर-शोर से काम भी किया गया था। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी आलाकमान ने पार्टी में प्रखर वक्ताओं और प्रवक्ताओं की कमी महसूस करते हुए सभी राज्यों खासकर चुनाव वाले राज्यों में प्रखर वक्ताओं और प्रवक्ताओं को सर्च कर उनकी एक टीम बनाने के निर्देश पार्टी नेताओं को दिए थे, जिसके बाद प्रवक्ताओं को खोजने की कवायद शुरू की गई थी और इसको टैलेंट हंट कार्यक्रम का नाम दिया गया था। इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा और एआईसीसी मीडिया कॉर्डिनेटर रोहन गुप्ता दो गई थी लेकिन करीब पांच माह बीत जाने के बावजूद एआईसीसी की ओर से इस मामले में रूचि नहीं दिखाई जा रही है जिसके चलते अभी तक चुनाव वाले राज्यों में टैलेंट हंट प्रोग्राम को कोई गति नहीं मिल पाई है। वहीं वक्ता-प्रवक्ता के लिए इंटरव्यू दे चुके युवा भी इस मामले को लेकर असमंजस की स्थिति में है।
जयपुर में लिए गए थे आवेदन
सूत्रों ने बताया कि राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर राजधानी जयपुर में नये साल के बाद तीन दिवसीय टैलेंट हंट कार्यक्रम शुरू किया गया था जिसमें करीब दो सौ लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में दोनों नेताओं ने सभी आवेदकों का वन टू वन साक्षात्कार किया था। बताया जाता है कि इंटरव्यू देने वाले में पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं के साथ ही बड़ी संख्या में एमबीए, इंजीनियरिंग, उच्च शिक्षा और पत्रकारिता के छात्रों ने भी इंटरव्यू दिए थे।
पार्टी नेताओं को रखा था दूर
तीन दिन तक चले टैलेट हंट कार्यक्रम में किसी प्रकार की गुटबाजी हावी ना हो इसके लिए पार्टी नेताओं को इस कार्यक्रम से पूरी तरह दूर रखा गया था। केवल जिन लोगों ने वक्ता-प्रवक्ता के लिए आवेदन किया था, उन्ही लोगों को ही कायऱ्क्रम में साक्षात्कार के लिए बुलाया था। साक्षात्कार के बाद आवेदकों से आला नेताओं से चर्चा कर वक्ता प्रवक्ताओं की लिस्ट शीघ्र जारी करने की बात कही गई थी, तभी से आज तक आवेदक लिस्ट जारी होने का इंतजार कर रहे है।
खुलकर बोलने से बच रहे नेता
इस मामले में पार्टी नेता खुलकर बोलने से बच रहे है। हालांकि नेताओं की ओर से ये तर्क दिया जा रहा है कि चुनावी व्यस्तता के चलते ये मामला अटका हुआ है। पहले प्रदेश में हुए दो लोकसभा और एक विधानसभा उपचुनाव में व्यस्तता और फिर कर्नाटक विधानसभा चुनाव में नेताओं की व्यस्तता के चलते ये प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई।