शेखावत-मेघवाल की रिपोर्ट और सीएम की फीडबैक में ‘गुड’ होने पर ही मिलेगा BJP का टिकट

जयपुर। सत्ता को बचाए रखते हुए चुनावी मैदान में कांग्रेस को चित करने को लेकर भाजपा आलाकमान जमीनी रणनीति को अंजाम देने में जुटे हैं. वहीं, चुनाव मैदान में किसे टिकट मिलेगा, किसे नहीं ये फैसला केंद्रीय नेतृत्व जमीनी रिपोर्ट और सीएम वसुंधरा राजे के फीडबैक के आधार पर लेंगे. जमीनी रिपोर्ट के लिए पार्टी आलाकमान ने केंद्रीय राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुनराम मेघवाल को मैदान में उतारा है. सूत्रों ने बताया कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर के साथ ही बदले सियासी समीकरण के बीच पार्टी टिकट का चयन बड़ी सावधानी से करना चाहती है. पार्टी केवल जिताऊ कैंडिडेट को चुनावी मैदान में उतारने में जुट गई है. ऐसे कैंडिडेट के बारे में सही जानकारी एकत्रित करने के लिए पार्टी के चाणक्य अमित शाह ने शेखावत और मेघवाल  पर दांव खेला है. दोनों नेता हर जिले में जाकर ग्राउंड स्तर पर वहां के जमीनी हालात के बारे में जानकारी करने के साथ ही कार्यकर्ताओं से बातचीत करके रिपोर्ट तैयार करेंगे. सभी जगहों की रिपोर्ट को तैयार करने के बाद वे इसे शाह को भेजेंगे. वहीं, इस मामले में  शाह ने सीएम वसुंधरा राजे से भी सभी 200 विधानसभा सीटों पर फीडबैक लेंगे. पार्टी सूत्रों ने  बताया कि दोनों तरफ से मिली रिपोर्ट को देखने के बाद भी पार्टी आलाकमान प्रत्याशियों के चयन को हरी झंडी दिखाएंगे. आपको बता दें कि भाजपा अध्यक्ष शाह साफ कर  चुके हैं कि प्रत्याशियों को टिकट ग्राउंड जीरो से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर दिए जाएंगें. गौरतलब है कि शाह ने चुनाव प्रबंधन समिति में अपने विश्वसनीय शेखावत को संयोजक बनाकर कूटनीतिक तौर पर बड़ा दांव खेला है. शेखावत के जरिए शाह चुनाव के लिए टिकट वितरण पर अपना कंट्रोल बनाए रखना चाहते हैं. जिससे वसुंधरा राजे मनमानी  तौर पर टिकटों का बंटवारा नहीं कर सके. यही वजह है कि शाह हर सीट की रिपोर्ट शेखावत और मेघवाल से ले रहे हैं. इस कवायद के जरिए वे जमीनी हालात को भी जानने में जुटे हुए हैं. हालांकि, चुनाव मैदान में  वसुंधरा राजे की ओर से भी टिकट वितरण को लेकर कई बार राजनीतिक संदेश दिए गए हैं.  जिसके बाद से टिकट के दावेदार भी असमंजस में हैं कि टिकट वसुंधरा राजे के स्तर पर बांटा जाएगा या फिर दिल्ली नेतृत्व करेगा.
कार्यकर्ताओं को साध रहे हैं शाह

चुनावी कमान को संभाल चुके शाह हर समीकरण पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. उपचुनाव के बाद से कई बार मिले फीडबैक में कार्यकर्ताओं में नाराजगी होने की बात सामने आने पर अब शाह खुद उनसे सीधे संवाद कर रहे हैं. इस संवाद के जरिए वे कार्यकर्ताओं के बीच यह भी कह रहे हैं कि ये किसी विधायक, मंत्री और सीएम का चुनाव नहीं है. ये चुनाव केवल भाजपा और कमल के फूल का चुनाव है. शाह  कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए यह भी कह रहे हैं कि इस चुनाव को केवल कमल का फूल और भाजपा के लिए लड़ें और जीत हासिल करें.

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