विधायकों के टिकट कटने पर जख्मों पर मरहम लगाएंगे शाह…तो भी नहीं माने तो खुरच देंगे

जयपुर . चुनावी मैदान में कांग्रेस को सियासी मात देकर सत्ता को बचाए रखने के लिए भाजपा को फुल-प्रूफ प्लान बनाने में जुटी हैं. अपनी चुनावी राह को आसान बनाने और जीत के समीकरणों को बिठा रही भाजपा के नेताओं ने कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने के संकेत दे रहे हैं. लेकिन, छत्तीसगढ़ में टिकट कटने के बाद पैदा हुए हालात से सबक लेते हुए पार्टी ने राजस्थान में नई योजना बनाई है. इसके तहत ऐसे विधायकों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम पार्टी अध्यक्ष अमित शाह करेंगे.
पार्टी स्तर पर खराब परफोर्मेंस और सर्वे में मिली  रिपोर्ट के आधार पर जिन विधायकों के टिकट काटे जाएंगे, उनसे अब सीधे अमित शाह संवाद करेंगे. वे इस संवाद के दौरान संबंधित विधायक की बात को सुनते हुए उसके मन में उठने वाले विरोध को थामने का काम करेंगे. वहीं, राज्य स्तर पर भी पार्टी के नेता संबंधित विधायक से बातचीत करते हुए समझाइश करते हुए चुनाव में जुटने का आह्वान करेंगे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि जिन विधायकों के टिकट काटे जाएंगे. उनसे संवाद के दौरान यह भी बताया जाएगा कि यदि वे अपनी आस्था को पार्टी के साथ बनाए रखते हैं और पूरी सक्रियता के साथ चुनाव में काम करेंगे तो जल्द बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है. साथ ही उन्हें यह भी बताया जाएगा कि सर्वे रिपोर्ट के साथ ही हर फीडबैक के चलते यह निर्णय किया गया है. इसके बाद भी अगर वे विरोध का रास्ता अपनाते हैं तो पार्टी स्तर पर आगामी कार्रवाई की जाएगी. पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा की ओर से कराए गए  कई स्तर के सर्वे और फीडबैक रिपोर्ट के बाद सामने आ रहे समीकरणो के बीच कई विधायकों के टिकट पर तलवार लटकती नजर आ रही है. माना जा रहा है कि हर हाल में जीत को सुनिश्चित करने के लिए विधायकों के टिकट काटने को लेकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के बीच सहमति बन चुकी है. इस पर अब अमल होना बाकी है. आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की ओर से जारी की गई पहली सूची में 14 मौजूदा विधायकों के टिकट काटने पर हंगामा हो गया था. संबंधित नेताओं के समर्थकों की ओर से किए गए विरोध को देखने के बाद अब पार्टी ने राजस्थान और एमपी में पूरी सतर्कता के साथ हर कदम आगे बढ़ा रही है.

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