जो बागी या निर्दलीय 300 से 1000 वोट लाते है उन्हें बिठाने की क्या रेट लगती है और 2000 से ऊपर वालों की क्या

राजस्थान में इस बार कुल 4288 नामांकन हुए हैं. जिनमें 3295 उम्मीदवार हैं. इस हिसाब से औसतन हर सीट पर 21 दावेदार हैं. अगर कोई बागी होता है तो उसके वोट पाने की संभावना को देखते हुए उसका रेट तय किया जाता है.
100-50 वालों को तो कोई पूछता नहीं
अगर आप बागी हैं या फिर निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं और वोट पाने की संभावना 50 से 100 तक है तो इन्हें कोई भी पार्टी नहीं पूछती है.
300 से 500 वाले की है कीमत
वहीं जो बागी या फिर निर्दलीय प्रत्याशी 300 से 500 से अधिक वोट पाने का दावेदारी रखता है तो उनसे पार्टियों के नेता मुलाकात करते हैं. उन्हें समझाते हैं कि वो बैठ जाएं. इसके लिए उनके सामने पैसे की पेशकश रखी जाती है. वो अपने अबतक किए खर्चे को बताते हैं. जिस हिसाब से 30 हजार से 50 हजार रुपए में डील फाइनल होती है. वहीं कुछ पैसों से नहीं मानते तो उन्हें सत्ता में आने पर पद की लालच दी जाती है. इसके साथ-साथ रिश्तेदारों और समाज से भी दबाव डलवाते हैं.
1000 वोट लाने वाले तो मालामाल
जो बागी या निर्दलीय हजार वोट पाने वाले होते हैं. वो ही बागी होती हैं जो पार्टी के लिए सिरदर्द होते हैं. इन्हें मनाने के लिए पार्टियां एक लाख रुपए और सत्ता में आने पर कुछ जुगाड़ के सपने दिखाती हैं. और उन्हें चुनाव में लड़ने से रोक लेती हैं.
2000 से ऊपर वालों की कीमत के ये पैमाने

2000 से ऊपर पाने वालो की तो कीमत भी काफी लगाई जाती है. उनकी हैसियत के हिसाब से उन्हें पैसे, पद का ऑफर दिया जाता है. इनको मनाने के लिए पार्टी हर तरह से कोशिश करती है. इस चुनाव में भी बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता बागी हुए हैं. उनको समझाने के लिए प्रदेश के नेता और राष्ट्रीय नेता जुट गए हैं. हमन आपको गणित समझा दिया. इसी हिसाब से इन बागियों को मनाने की कोशिश की जाएगी.

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