Thursday, December 13, 2018
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किसका होगा 21 सीटों वाला शेखावाटी, तीसरा मोर्चा बिगाड़ सकता है भाजपा-कांग्रेस का खेल

जयपुर। अपनी आलीशान और बड़ी-बड़ी हवेलियों के लिए मशहूर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में सीकर, चूरु व झुंझुनूं जिले की कुल 21 विधानसभा सीटें आती हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में यहां की जनता ने बीजेपी को 21 में से 11 सीटें दिलाकर राज्य की सत्ता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। वैसे अगर पिछले तीन विधानसभा चुनावों के नतीजों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि यहां सीपीएम, बीएसपी और निर्दलीय बीजेपी और कांग्रेस का खेल बिगाड़ते रहे हैं। जाट बहुल इलाका पारंपरिक तौर पर कांग्रेस के ज्यादा करीब रहा लेकिन पिछले चुनाव में यह बीजेपी के लिए लकी रहा। 2013 में कुल 21 में से बीजेपी ने 11 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं। इस क्षेत्र में करीब 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग हैं। दलित और अगड़ी जातियों की सोशल इंजीनियरिंग ने यहां बीएसपी के टिकट पर सामान्य जाति के उम्मीदवार को जिताया। इस बार भी यहां बीजेपी को कोई मजबूत स्थिति नहीं दिख रही है।

कांग्रेस की जड़ें हुई मजबूत
पूर्व बीजेपी सांसद और कांग्रेस नेता सुभाष महरिया ने कहा राजे यहां के लोगों की पहुंच से दूर थीं, विधायक जनता का काम कराने में असमर्थ रहे। यहां राष्टÑीय मुद्दे काम नहीं करेंगे। लोगों से निजी तौर पर जुड़ना होता है। इस क्षेत्र में सैन्यकर्मियों से जुड़े मुद्दे ज्यादा रहते हैं जो अपने बच्चों को सुरक्षा बलों में भेजेते हैं। महरिया ने कहा क्षेत्र में बहुसंख्यक होने के बावजूद भी सरकार में जाटों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। महरिया का समर्थन करते हुए रिटायर्ड सोशोलॉजी प्रोफेसर झाबरमल गिठाला ने कहा कि व्यापारी समुदाय जीएसटी व नोटबंदी से बहुत परेशान हुआ, उसका खामियाजा बीजेपी को झेलना होगा। किसान भी बीजेपी से खुश नहीं हैं क्योंकि उन्हें ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिला है। आजादी के बाद के दशकों में भूमि सुधार संबंधी कदमों से इस क्षेत्र में कांग्रेस की जड़ें मजबूत हुई।

बीजेपी की स्थिति हुई मजबूत
इन सुधारों से जाट, एससी और मुस्लिम वर्ग के लोग कांग्रेस के करीब आए। भूमि से हाथ धोने वाला शासक वर्ग भारतीय जन संघ और स्वतंत्र पार्टी से जुड़ा। 1975 तक शेखावाटी में कांग्रेस के वर्चस्व को कोई अन्य पार्टी चुनौती नहीं दे सकी। लेकिन फिर आपातकाल से कांग्रेस की पकड़ यहां ढीली हुई, 1977 में राजस्थान में जनता पार्टी की सरकार बनी। भंैरो सिंह शेखावत राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी सीएम बने। शेखावत के सीएम बनने से शेखावाटी में बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई। प्रोफेसर गिठाला के मुताबिक 1999 में तत्कालीन पीएम अटल बिहार वाजपेयी द्वारा जाट आरक्षण की घोषणा से बीजेपी के वोट बैंक का विस्तार हुआ। वर्तमान में राज्य की विधानसभा में 26 महिला विधायक हैं। इनमें से शेखावाटी (चूरू, झुंझुनूं व सीकर) से एक भी महिला विधायक नहीं है।

शेखावटी रीजन में चुनाव
2003 विधानसभा चुनाव: कुल 20 सीटें
बीजेपी: 8
कांग्रेस: 8
अन्य: 4
2008 विधानसभा चुनाव: 21 सीटें
बीजेपी: 6
कांग्रेस: 11
अन्य: 4
2013 विधानसभा चुनाव: 21 सीटें
बीजेपी:11
कांग्रेस: 5
अन्य : 5