कांग्रेस हाथ में देगी जल तो भाजपा पकड़ाएगी स्मार्ट फोन

रोहित पारीक

पाली। विधानसभा चुनाव के रण में उतरी भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी दंगल शुरू हो गया है। इस दंगल के बीच दोनों पार्टियां सत्ता तक पहुंचने के लिए हर दांव आजमा रही हैं। इसमें आस्था के वार से लेकर फोन की सौगात तक सब कुछ शामिल हो गया है। विधानसभा चुनाव के अखाड़े में सियासी जोर आजमाइश कर रही भाजपा व कांग्रेस सत्ता तक पहुंचने के लिए कोई भी कसर छोडऩे के मूड़ में नहीं हैं। चुनावी रथ पर सवार हो चुके दोनों दल येन-केन प्रकरेण सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने के लिए ताकत झोंक रहे है। चुनावी राह पर आगे बढ़ते हुए कांग्रेस जहां किसानों के हाथ में जल देकर संकल्प दिलाते हुए आस्था से जुड़े इस पहलू का राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहती है। वहीं, भाजपा एक करोड़ परिवारों को स्मार्ट फोन बांटने की तैयारी कर चुकी है। इसका ऐलान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कर चुकी हैं।

राजस्थान की राजनीति में ऐसा अवसर अब तक कम ही देखने को मिला है, जब सत्ता तक पहुंचने के लिए दोनों प्रमुख दल हर सीमा को लांघते चले गए हो। दरअसल, राजस्थान का विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति वाला बन चुका है। क्योंकि, इस चुनाव का परिणाम लोकसभा की राह सुगम बनाएगा। इसलिए भाजपा सत्ता की दूसरी पारी खेलने के लिए तो कांग्रेस लोकसभा चुनाव से पहले अपनी जमीन मजबूत करने के लिए ताकत झोंक रही है। सियासी दांवपेच के बीच लोगों की धार्मिक आस्था से लेकर स्मार्ट फोन के जरिए दोनों पार्टियां अपना पाया मजबूत करने में जुटी हैं। कांग्रेस प्रदेश के गांवों में जल आंदोलन की शुरुआत कर रही है। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों को तालाब या जलस्त्रोत का पानी हाथ में देकर भाजपा राज को खत्म करने और कांग्रेस को मजबूत करने का संकल्प दिलाएंगे। वहीं, भाजपा स्मार्टफोन के जरिए बड़ा सियासी दांव खेलने जा रही है।

आस्था की चोट से भाजपा को करेगी सत्ता से दूर

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के बंगले पर हाल ही हुए किसान जागरण कार्यक्रम के बाद जल आंदोलन चलाने का निर्णय किया गया है। इसके तहत कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की 11 नदियों और बांधों के पानी से भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत किसानों को हाथ में जल देकर भाजपा को हटाने की शपथ दिलाई जाएगी। भारतीय परंपरा में पानी को हाथ में लेकर किए गए शपथ को पूरा करना होता है। ऐसा नहीं करने पर इसे धार्मिक रूप से गलत माना जाता है। कांग्रेस आस्था के इस पहलू का इस्तेमाल करते हुए लोगों को अपनी तरफ जोडऩे की कोशिश कर रही है।

स्मार्ट फोन से भाजपा बनाना चाह रही सत्ता की राह

प्रदेश में सत्ता के स्वाद को दोबारा चखने के लिए उतावली भाजपा किसी भी हालत में इस चुनाव को जीतने की कवायद कर रही है। इसके लिए अब सरकार एक करोड़ परिवारों को स्मार्ट फोन के लिए एक-एक हजार रुपए देगी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जयपुर में हाल ही मुख्यमंत्री लाभार्थी संवाद में भामाशाह डिजिटल परिवार योजना की घोषणा की है। वसुंधरा राजे ने कहा कि भामाशाह कार्ड योजना के तहत आने वाले एक करोड़ परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जाएगा। इस स्मार्ट फोन के लिए सरकार हर परिवार को एक-एक हजार रुपए दो किश्तों में देगी। दूसरी किश्त के पांच सौ रुपए तभी मिलेंगे जब पहली किश्त के पांच सौ रुपए से वह परिवार स्मार्ट फोन ले लेगा। ये मोबाइल फोन 30 सितंबर तक लगाए जाने वाले शिविरों में ही दिए जाएंगे। सरकार इस फोन को नेशनल फूड स्कीम के तहत दिए जाने वाले पैसे में ही देगी। इसमें दो हजार रुपए दिए जाते हैं। इसमें अब 500 रुपए का फोन लेना होगा। उसके बाद इसमें सरकारी एप्लीकेशन डाउनलोड करने के बाद 500 रुपए और दिए जाएंगे।

छह महीने बाद करनी होंगी जेब ढीली

चुनावी साल में जनता को लुभाने के लिए तथा वोट पाने के लिए सरकारें कई तरह के हथकंडे अपनाती हैं, लेकिन वसुंधरा सरकार इन सबसे एक कदम आगे हैं। मुख्यमंत्री सरकारी योजनाएं आम जन तक पहुंचाने के लिए लगभग एक करोड़ साठ लाख लोगों को 1095 रुपए कीमत का फोन बांटेगी। इसका खर्चा सरकार उठाएगी। सरकार फोन खरीदने वालों को 1000 की सब्सिडी देगी तो 95 रुपए फोन खरीदने वाले को अपनी जेब से देने होंगे। आपको केवल 95 ही नहीं, इससे आगे भी जेब ढीली करनी पड़ सकती है।

योजना के तहत भामाशाह कार्ड योजना धारक और खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े लोगों को फोन दिया जाएगा इन दोनों योजना से जुड़े लोगों को अधिकतम दो फोन लेने की छूट होगी, लेकिन जो लोग खाद्य सुरक्षा से जुड़े हैं, उनके खाते में 500 रुपए फोन लेने से पहले ही प्रदेश सरकार द्वारा डाले जा रहे हैं, जबकि दूसरी किश्त फोन लेने के बाद मोबाइल में राज्य सरकार की कोई भी एप्लीकेशन शुरू करने पर डाले जाएंगे। इसके बाद यह फोन आप 3 महीने तक सिर्फ 95 रुपए देकर काम में ले सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा 1095 रुपए कीमत के फोन पर आपको 1000 की सब्सिडी दी जाएगी, जो सीधे कार्डधारक के खाते में आएगी, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद आपको आम जनता की तरह ही इस फोन का उपयोग करना होगा। फोन के ग्राहकों को इस सुविधा को जारी रखने के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करना ही पड़ेगा।

फोन में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मोबाइल एप्लीकेशन तो होगी ही, साथ ही राज्य सरकार द्वारा जो भी योजनाएं प्रदेश में चल रही है उनकी जानकारी भी फोन के मालिक तक पहुंचेगी। चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री ने सीधे उस वर्ग तक पहुंचने की कोशिश की है जहां अब तक मोबाइल फोन नहीं पहुंच पाए या फिर इंटरनेट का उपयोग लोग अब तक नहीं कर पा रहे थे। इस योजना के तहत पांच टेलीकॉम कंपनी की सिम का प्रयोग कर सकेंगे, लेकिन फोन सिर्फ रिलायंस जियो द्वारा ही बनाया जाएगा।

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