अब राजस्थान में एनसीपी की जाजम जमाएंगे चंपावत

रोहित पारीक
पाली। राजस्थान विधानसभा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भी ताल ठोकेगी। पार्टी प्रमुख शरद पंवार दिल्ली में इसका ऐलान कर चुके हैं। राजस्थान विधानसभा चुनावों में एनसीपी के पांव जमाने के लिए राजस्थान में कमान उम्मेद सिंह चम्पावत को सौंपी गई है। उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। ये वहीं चंपावत हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के सामने चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। पिछले लम्बे समय से वे कांग्रेस में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। चम्पावत पाली जिले के बाली विधानसभा के निवासी है। वे प्रमुख होटल व्यवसायी है। पिछले दिनों ही उन्होंने बाली विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी इलाके में एक बड़ी बैठक कर कांग्रेस के वर्तमान परिदृश्य में अशोक गहलोत और सचिन पायलट को राम-लक्ष्मण की जोड़ी बताया था। इसके बाद राजनीतिक तौर पर माना जाने लगा कि वे इस बार कांग्रेस के टिकट पर बाली से दावेदारी कर सकते हैं। अचानक ही एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके नाम के ऐलान ने राजनीतिक वार्ताकारों को भौचक्का कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर भाजपा के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के सामने 1998 में चुनाव लड़ा था। इस दौरान वे करीब 1800 वोटों से हार गए थे। चम्पावत ने बताया कि एनसीपी समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ गठबंधन करके राजस्थान में चुनाव लड़ेगी। पार्टी पहले भी शेखावाटी व जयपुर में सक्रिय रही है। पार्टी की रणनीति है कि वह चुनावों में कांग्रेस का वोट नहीं काटेगी, बल्कि उन सीटों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिस पर कांग्रेस कभी नहीं जीत पाई है। बाकायदा कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठकर सीटों के तालमेल पर बात की जाएगी। राजस्थान की जनता में एक वर्ग ऐसा भी है जो भाजपा के साथ कांग्रेस के अलावा एक विकल्प चाहता है एनसीपी वो विकल्प बनेगी। पार्टी इसी रणनीति पर फोकस कर रही है। चम्पावत ने बताया कि एनसीपी राजस्थान में तीन वर्षों में महाराष्ट्र की तरह अपना कैडर खड़ा करेगी।

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