अजमेर में थमेगा लाभार्थियों के पथ पर आगे बढ़ता सियासत का गौरव रथ

-भाजपाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो कांग्रेसी राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुलगांधी के आगमन की तैयारियों में जुटे
सन्तोष गुप्ता
अजमेर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच वसुंधरा राजे सरकार की सियासत का गौरव रथ लाभार्थियों के पथ पर आगे बढ़ता हुआ इस माह की समाप्ति पर अजमेर में आकर थमेगा। उधर, सत्तारूढ़ भाजपा की नाकामियों को उजागर कर बदलाव का शंख फूंकती कांग्रेस की संकल्प रैली का अंतिम पड़ाव राजधानी जयपुर में करने की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। सियासी मानसून की सक्रियता में भारत वाहिनी पार्टी ने भी तीसरे विकल्प के रूप में अजमेर संभाग सहित प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर पाल बांधनी शुरू कर दी है। चुनावी तिथि को लेकर राजनीतिक पंडितों ने पंचांग खोल लिए हैं, अटकलों के बाजार में चुनाव का चौधड़िया दिसम्बर के आखिर अथवा अगले साल जनवरी के पहले सप्ताह में होना शुभ बताया जा रहा है। इसके लिए सभी की निगाहें अक्टूबर 18 के मध्य पर टिकी है। संवैधानिक रूप से चुनाव तिथि के 45 दिन पूर्व आचार संहिता लागू हो जाती है, लिहाजा चुनाव आयोग का इरादा निर्धारित समय पर चुनाव कराने का है तो 15 अक्टूबर के आसपास स्पष्ट हो जाएगा कि चुनाव कब होने हैं। ‘एक देश-एक चुनाव’ की जोर पकड़ती केंद्रीय बहस के बीच चुनाव टलते हैं तो प्रदेश में राज्यपाल शासन की स्थिति भी तभी तय हो पाएगी।
फिलवक्त मौजूदा वसुंधरा सरकार ने निर्धारित समय पर ही चुनाव होना तय मानते हुए संगठनों की बैठकें शुरू कर दी हैं। कर्मचारी संगठनों से मान-मनोव्वल के दौर चल रहे हैं। उनका असंतोष दूर किया जा रहा है। सामाजिक व जातीय-बिरादरियों को आरक्षण, सामुदायिक भूमि आवंटन आदि अन्य मिजाजपुर्सी की कोशिशें जारी हैं। युवाओं को स्कूटी, लैपटाॅप, साइकिल, तो बेरोजगारों को नौकरियों के किए वादे पक्के बतलाए जा रहे हैं। प्रशासनिक कारिंदों और पुलिस के अफसरों की कुर्सियां बदल कर अपना इकबाल बुलंद बनाए रखने के आदेश—निर्देश दिए जा चुके हैं। स्वयं मुख्यमंत्री प्रदेश में गौरव यात्रा पर निकली हुई हैं जो करीब 170 से 175 विधानसभा क्षेत्रों में जनसम्पर्क कर सरकार की योजनाओं का लाभ पाने वालों से पुनः विश्वास मत देने का आग्रह कर रही हैं।
पीएम 29 या 30 को आ सकते हैं अजमेर
राजनीतिक हलचल है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गौरव रथ पर सवार 23 सितम्बर को तीर्थराज पुष्कर के रास्ते अजमेर संभाग में प्रवेश करेंगी यहां से किशनगढ़, नसीराबाद, केकड़ी विधानसभा क्षेत्रों में लाभार्थी पथ पर आगे बढ़ते हुए संभाग के टोंक जिले में लाभार्थियों को दर्शनलाभ देंगी। वापसी में भीलवाड़ा जिले को लाभांवित करते हुए ब्यावर के रास्ते 29 अथवा 30 सितम्बर को सर्वधर्म समभाव से परिपूर्ण ऐतिहासिक आध्यात्मिक नगर अजमेर पहुंचेगी। संभावित है कि गौरव यात्रा के समापन मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी अजमेर पहुंचेंगे। यद्यपि अभी तक प्रधानमंत्री के आगमन का कार्यक्रम सुरक्षा कारणों से अधिकृत रूप से उजागर नहीं हुआ है किन्तु पार्टी स्तर पर भीतरखाने तीर्थराज पुष्कर अथवा अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी सभा का आयोजन कर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का भाजपा की ओर से शंखनाद किए जाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हंै।
लाभार्थी रैली ने बदली प्रचार अभियान की दिशा
प्रसंगवश यहां यह बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर में 7 जुलाई यानी दो माह पूर्व हुई लाभार्थी रैली के आयोजन के साथ ही राजस्थान में भाजपा ने सियासी प्रचार अभियान की दिशा को बदल दिया था। प्रधानमंत्री मोदी की रैली में बड़ी संख्या में प्रदेशभर से लाभार्थियों को जयपुर बुलाए जाने की सफलता का प्रदेश में क्या सियासी संदेश गया वो ओर बात है, मुख्यमंत्री वसुंधरा सरकार को यह साफ दिखाई दिया कि 4 अगस्त को प्रारंभ होने वाली गौरव यात्रा में सुराज संकल्प यात्रा अथवा उपचुनाव पूर्व आयोजित जन संवाद की तरह सिर्फ वादों के बजाय सरकार की जनहित योजनाओं में लोगों को मिले लाभों को दिखाकर ही पुनः समर्थन का आग्रह किया जा सकता है। यही कारण है कि वसुंधरा राजे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जहां भी गौरव यात्रा रथ ले जा रही हैं स्थानीय विधायक को मंच पर बुला कर बुलंद आवाज में लाभार्थियों का आह्वान कर उनसे फिर समर्थन का भरोसा मांग रही हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अजमेर संभाग में भी जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों ने लाभार्थियों से सीधा संवाद शुरू कर दिया है। अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक में राज्य और केंद्र सरकार की विविध लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों चाहें वे महिलाएं हों, युवा हों या अल्पसंख्यक, एससी-एसटी-ओबीसी वर्ग के लोग, सीनियर सिटीजन हों या सेवानिवृत्त सैनिक, शिक्षक हो या मंत्रालयिक कर्मी उन्हें प्रदत्त लाभों को जता कर फिर से समर्थन का आग्रह किया जाने लगा है।
कांग्रेस की संकल्प रैली 12 को नागौर में
उधर, प्रदेश में कांग्रेस की सियासत भी उप चुनावों के बाद बड़े हौंसले से और तेज हो गई है। कांग्रेस का कार्यकर्ता इस बार कांग्रेस सरकार चुने जाने के पक्के मानस के साथ सक्रिय हो गया है। नसीराबाद विधान सभा और अजमेर सांसद उप चुनाव में मेरा बूथ-मेरा गौरव कार्यक्रम की सफलता से उत्साहित कांग्रेस की संभाग स्तर पर आयोजित संकल्प रैली जन-जन में सरकार की नाकामियों को गिनाते हुए बदलाव का शंख फूंख रही है। रैली का समापन राजधानी जयपुर में आयोजित किए जाने और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को बुलाए जाने को लेकर तैयारियां हो रही हैं। राहुल गांधी के मानसरोवर यात्रा से लौटने के बाद जयपुर रैली की तिथि तय हो जाएगी। इस बीच आगामी 12 सितम्बर को अजमेर संभाग की संकल्प रैली नागौर में होना प्रस्तावित है। रैली में कार्यकर्ताओं को ले जाने के लिए अजमेर संभाग के कांग्रेसजन की बड़ी बैठक 8 सितम्बर को अजमेर में आयोजित हो चुकी है। निर्धारित समय पर चुनाव के दृष्टिगत विधानसभा स्तर पर बूथ अध्यक्ष और बीएलए बनाने का कार्य अजमेर संभाग में पूरा किया जा चुका है। संगठनात्मक मजबूती और एकजुटता प्रदर्शन के लिए सम्मेलनों की सियासत चल रही है। विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने की कार्ययोजना बन चुकी है। जगह—जगह शक्ति प्रदर्शन जारी है। टिकटार्थियों ने दिल्ली तक दौड़—धूप शुरू कर दी है। इस बार कांग्रेस संकल्प रैलियों के माध्यम से सरकार की खामियों पर सवाल उठा रही है। पानी, बिजली, महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती दरें, किसानों की खराब स्थिति, नौकरी, नोटबंद और जीएसटी, भ्रष्टाचार के मुद्दों को जनता के समक्ष शिद्दत से रख रही है। यह बात दीगर है कि कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव जीतने पर मुख्यमंत्री कौन होगा अभी कोई नाम तय नहीं किया है। नतीजतन अजमेर संभाग सहित प्रदेश कांग्रेस राजनीति पूर्व मुख्य मंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के दो घड़ों में बंटी हुई नजर आ रही है। इन हालातों में जनता का भरोसा किस राजनीतिक संगठन के साथ होगा तय कर पाने में अभी और कुछ वक्त लगेगा।
तीसरे विकल्प के रूप में भारत वाहिनी पार्टी ने तलाशी अजमेर में जमीन
इधर, भारत वाहिनी पार्टी के संयोजक घनश्याम तिवाड़ी ने हाल ही में अजमेर संभाग को दौरा कर लोगों में कांग्रेस और भाजपा के विरुद्ध तीसरे विकल्प के रूप में खुद की सियासी जमीन सींचना शुरू कर दिया है। घनश्याम तिवाड़ी प्रदेश में कुछ विधान सभा सीटों पर जाट-ब्राह्मण-वैश्य गठजोड़ के आधार पर तो कहीं राजपूत-ब्राह्मण-अन्य गठजोड़ के आधार पर सरकार से नाराज लोगों को एक झंडे तले लाकर चुनावी समर में लोहा लेने को प्रेरित कर रहे हैं।
आप पार्टी राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लाम्बा भी दरगाह व पुष्कर पहुंची
राजस्थान में आप पार्टी की विधानसभा चुनाव में तीसरे विकल्प के रूप में स्थिति का आकलन करने व पार्टी उम्मीदवारों को खड़ा करने के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधायक अलका लाम्बा भी अजमेर का दौरा कर चुकी हैं। उन्होंने दरगाह व पुष्कर में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की व दरगाह में जियारत व पुष्कर सरोवर की पूजा अर्चना कर कामयाबी की प्रार्थना की। लाम्बा ने राजस्थान में सभी विधानसभा सीटों पर आप पार्टी के चुनाव लड़ने और दिल्ली के मुख्यमंत्री व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के राजस्थान में चुनावी रैलिया करने की भी जानकारी दी।